यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
केशरिया कंवरजी को गीत
अम्बा बाड़ी लगी, छीब न्यारी लगी कंवर आपक दरबार छीब न्यारी लगी
कुण चिणायो थांरो देवरो कंवरजी तो कुण दिरायी गज निंव ओ महाराज….. अम्बा बाडी……
राजाजी चिणायो थांरो देवरो कंवरजी तो सेवकड़ा दिरायी गज निंव ओ महाराज. अम्बा बाडी.
सूरज सामो थांरो देवरो कंवरजी तो ध्वजा रे फरुक असमान ओ महाराज….. अम्बा बाडी.
चढ़न चढ़ाव थार चूरमो कंवरजी तो और चोट्याला नारेल ओ महाराज. अम्बा बाडी.