चुनड़ी का चार पल्ला
चुनड़ी का चार पल्ला- २चारू ही है। लाल घणा-2
हर पल्लू पै थाको नाम लिखायो म्हारा साजना-२
सारा काम काज थे छोड़ो,, निरखो निजर उठार पिया-२ थाकी एक तारीफ सू म्हारो सफल हुवे सिणगार पिया /2
फिर तो आसमान सिर परमै आज उठाल्यु रांझणा
चुनड़ी का चार पल्ला चारू ही है लाल घणा -२
थाने देख देख रे पिया मै बलिहारी जाऊं रे
थे ही तो हो दुनिया म्हारी ,थाने लाड लाड लडाऊ मै
आओ थाने राखू म्हारे हिवडे रो हार बणा
चुनड़ी रा चार पल्ला–