समठुणी(पैरानी) और अन्य गीत
थान माला पूवाय द्या जी सगोजी राम भजो
हर लाडु की हर पेड़ा की हर बीच बीच सांख जलेबी की गटकाय मती जाज्यो जी माला मीठी छ
माला लेर सीराण सूत्या सपनो आयो भूतां को र पलीतां को, हर डाकण को, हर स्याली को, थे डर मती जाज्यो जी
सपनो ले माला भजवान बैठया, राम गटा दोय श्याम गटा थे सांची जपज्यो जी माला सांची छ थान माला पुवाय द्यां जी सगोसा जी माला जपो । ***
(दूलवो)
कंठोड रा बाजा म्हारा दूलवा बाजिया जी, कंठोड़ रा घुर्या छ निशाण, परण पधार्यो म्हारा दूलवा बिनणी
भवन म बाजा म्हारी सैंया बाजिया जी शहर म घुर्या छ निशान,
परण पधार्यो म्हारा दूलवा बिनणी
किसड़ो तो लाघ्यो म्हारा दूलवा सासरोजी कितरा सालांरी जी जोड़,
परण पधार्यो म्हारा दूलवा बिनणी
समंदर सरीसो सासरो जी सात सालारी जी जोड़
किसडी़ लाधी महारा दुलवा विनणी जी, किसड़ी तो करी मनवार
कानसवाणी म्हारी सैंया बिनणी जी, दिनी छ दोवड दाज़ परण-
दाज उतारो म्हारी सेया डागल जी बिनणी झरोखा र माय परण —-
(केशरीयो लाड़ो)
चन्दा धारे चांदणे जी ढोला, करणसिंह जी ढोल जागो पियारे ढोलावे म्हार गढ बिकाण रो राज केशरीयो लाड़ो जीवतो रे….
(घर में सबसे बड़ो का नाम) जी डोले जागो पियारे ढोलावे म्हारे (बेटे को नाम) रो बाप, केशरीयो लाडो जींवतो रे (नाम)जी र जाया डीकरा ए तो कई अर्जुन, कई भीम, केशरीयो लाडो जीवतो रे… ससुर जी र आई कुल बहु ए तो कई लिछमी क लाछ केशरीयो लाडो जीवतो रे लाछ बिलोव बिलोवणो ए तो लिछमी भर्ती रे भंडार … केशरीयो…. (नाना मामा मासा का नाम) जी डोले जागो पियारे ढोलावे म्हारे (बेटा या बेटी का नाम) रो बाप, केशरीयो भीत्या र मांड्या, मांड़णा ए तो क दादर क मोर … केशरीयो (फूफा जीजा का नाम) जी डोले जागो, पियारे ढ़ोलाव म्हार (भुवा बेनाका नाम) बाई रो दास केशरीयो म्हे तो ज्यांरी गलीया न जाणता, म्हें तो बांरी परण ल्याया धीव केशरीयो म्हे तो ज्यारी छाछ न छाणता, म्हे तो बांरी परण ल्याया धीव
केशरीयो लाडो जीवतो रे
***
(नई बिनणी थाल्याँ उठावे तब गीत)
ना खाड़काई ना भड़काई, सासु बुवां र हुवली लड़ाई । ना खड़ाकाई ना भड़काई, दिवर जिठाण्याँ र हुवली लड़ाई । सासुजी लाड लडावेजी, घी गुड़ में हाथ घलाव ए ।
***
(शीष गुंथावण को गीत)
सूरज जी साय पटाव ए. रेणा दे शीष गुथावसी गजानन्द जी साय पटाव ए रिद्ध सिद्ध दे शीष गुंथावसी रामचन्द्र जी साय पटाव ए बह सीता दे शीष गुंथावसी बाई सुथरा क मन भाव ए, भाभ्या, भल भल शीष गुंथावसी
(नाम )जी साय पटाव ए बहु(नाम ) शीष गुंथावसी बाई( नाम) क मन भाव ए भाभी भल भल शीष गुंथावसी । ***
(पग पकड़ाई की टाइम गीत)
सुसरोजी लाड़ लड़ावे जी, कोथलियाँ म हाथ घलावै जी । म्हारी बवड़ हेलो मार ऐ, दशरथ जी सुसरो माग ऐ । म्हारी बवड़ हेलो मार ऐ, कौशल्या जी सासु मांग ऐ। (इसी तरह सभी जेठ देवर नणद आदि का नाम लेना)
-: बिदं सामा लेव तब गीत :-
भीत्या र मांड्या माडणा टोडर मल ओ, राजा भल भल सुगन मनाय
भीत्यार मांड्या मांडणा टोडर मल ओ, राजा के दादर क मोर राजा भल भल सुगन मनाय
ल्यो ल्यो डाला जीवणा टोडरमल ओ,राजा भल भल सुगन मनाय
लोग शहर का यूं केव टोडर मल ओ, राजा (नाम )जी सु ब्यावन होय
बही लोग रहया देखता टोडर मल ओ, राजा जारी परणी धीव
जारी सीवन जावता टोडर मल ओ, राजा जारोजी देख्यो गांव
जारा नावं न जाणता टोडर मल ओ. राजा जारी परण्यो धीव
जारी छाछ न पीवता टोडर मल ओ. राजा जारो पियो काचो दूध
(नाम )जी र आई कुल बह टोडर मल ओ राजा क लक्ष्मी के लाछ
लोग देखता रे गया टोडर मल ओ. राजा आया आया ढोल गुडाय
***