बंशी बाजेगी, राधा नाचेगी
(तर्ज : बिन्दीया चमकेगी…..)
बंशी बाजेगी, राधा नाचेगी, चाहे जग रूठे तो रूठ जाए, कि बंशी बाजेगी ।।
तेरी बंशी बड़ी जादूगारी, जुलम मेरे साथ करे – 2, सारी रात जगाए बैरन, मेरी नींद चुरायें, मैं तो नाचूंगी – 2, चाहे घर छूटे तो छुट जाए ।। 1 ।।
राधा रानी हुई रे दिवानी, बिरज के सांवरिया 2, मन ही मन वो चाहे लेकिन, तुझ को बोल न पाए, मै तो नांचूगी – 2, चाहे नम टूटे तो टूट जाए ।। 2 ।।
राधा दौड़ी, लाज सब छोड़ी, बजी जो तेरी बांसुरिया, भगतों के ये होश उड़ाये, सबको जोर नचाये, सेवक नाचेंगे, छम छम नाचेंगे, चाहे छत टूटे तो टुट जाए ।। ३।।