यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana.
तर्ज : ऐ ! मेरे दिले नादान…..
गुरूदेव दया करके, मुझको अपना लेना। मैं शरण पड़ा तेरी, चरणों में जगह देना।।
करूणा निधि नाम तेरा, करूणा दिखला जाओ, सोये हुये भाग्यों को, हे! नाथ जगा जाओ, मेरी नाव भंवर डोले, इसे पार लगा देना ।।1।।
गुरूदेव दया करके.
तुम सुख के सागर हो, निर्धन के सहारे हो, इस तन में समाये हो, मुझे प्राणों से प्यारे हो, नित माला जपूं तेरी, नहीं दिल से भूला देना ।।2।।
गुरुदेव दया करके.
पापी हूँ या कपटी हूँ, जैसा भी हूँ तेरा हूँ, घर बार छोड़कर मैं, जीवन से खेला हूँ, दुःख का मारा हूँ मैं, मेरे दुखड़े मिटा देना
गुरुदेव दया करके..
में सबका सेवक हूँ, तेरे चरणों का चेला हूँ, नहीं नाथ भूलाना मुझे, इस जग में अकेला हूँ, तेरे दर का भिखारी हूँ, मेरे दोष मिटा देना ।।4
गुरुदेव दया करके..
हे! अजर, अमर स्वामी, तुम हो अन्तर्यामी, मैं दीन हीन चंचल, अभिमानी अज्ञानी, तुमने जो नजर फेरी, मेरा कौन ठिकाना है ।।511
गुरुदेव दया करके..