गुरु मेरी पूजा गुरुगोबिन्दगुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत
गुरु मेरा मन्दिर गुरु मेरी पूजा, गुरु मेरा पारब्रह्म और न दूजा
गुरु मेरा दाता भाग्य विधाता-२, विधाता
हर सुख साधन का गुरु ही प्रदाता
गुरु मेरी नैया गुरु ही खेवेया – 2
गुरु मेरी मंजिल गुरु मेरी छैया
गुरु ही ही किनारा, गुरु ही सहारा-2
गुरु हर पथ का है ध्रुवतारा -2
गुरु मेरो देवा गुरु मेरी सेवा,
गुरु से पाऊं सत्संग मेवा
गुरु मेरा ज्ञानी, गुरु मेरादानी
जग में नहीं है गुरु का सानी – 2
अर्पण करती पूज्य चरण में श्रद्धा भक्ति भरा उपहार
देख आपकी पुण्य रश्मिया, नत मस्तक सारा संसार ।।