Hai Prano Se Bhi Pyara Hamko Mahashraman Shasan

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana.

 
(रचना -साध्वी श्री कनकश्रीजी)

तर्ज (Tune): हमनन्हें मुन्ने हो चाहे पर किसी से कम, आकाश तले जो फूल खिले वो फूल बनेंगे हम

भजन के बोल / Lyrics

है प्राणों से भी प्यारा हमको महाश्रमण शासन्
 दिल्ली ज्ञानशाला है पुलकित पाकर गुरु दर्शन
गुरु‌देव प्रतापी है, कीर्त जग व्यापी है
शिखरों की ऊंचाई 
 ऊंचाई पौरुष से नापी है  
महामहिम  श्री महाश्रमण जय जय नेमानंदन
 जैनजगत के दिव्य दिवाकर स्वीकारो वंदन ।।
उपकार संघ का है, आधार संघ का है,
 निश्चिंत रहे हरदम उपहार संघ का है। 
 मंदार खिले है कदम कदम  पर गण है नंदन वन 
आकाश धरा परनहीं मिलेगा ऐसा उदाहरण
आवाज संघ की है आशीष संघ का है.
 संकेत मिले संघका  तो शीश संघ का है 
बलिदानों की स्याही से इतिहास लिखे नूतन
 संघ पुरुष के चरणों में है अर्पित यह जीवन
 तेरापंथ के महासारथी रहो चिरायु चिरंतन ।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top