महावीर तुम्हारे चरणों में
(तर्ज दिल लूटने वाले जादूगर … मदारी)
हम विनय सुनाने आये हैं, महावीर तुम्हारे चरणों में।
मन सुमन चढ़ाने आये हैं, महावीर तुम्हारे चरणों में ।। तुम ज्योतिपुंज तुम दया निधि, हम दीन हीन संसारी हैं। दुःख पीड़ित 2 हैं हम पड़े हुए, महावीर तुम्हारे चरणों में ।।। ।। हम विनय सुनाने आये हैं
जग डूब गया जब हिंसा में, तुमने आ उसे उबारा था। वापस आओ 2, जग कहता है, महावीर तुम्हारे चरणों में।।2।। हम विनय सुनाने आये हैं ….
यह भव्य वाटिका उजड़ रही, पापों की नदियाँ बहती है। हे पाप ! 2 विनाशक शक्ति सदा, महावीर तुम्हारे चरणों में। ।3।।
हम विनय सुनाने आये हैं
संदेश तुम्हारे अमर सदा, कहे ‘कुमुद’ उन्हें अपनाएँगे। शत कोटि नमन शत कोटि नमन, महावीर तुम्हारे चरणों में।।4।। हम विनय सुनाने आये हैं