माता-पिता-गुरु महिमा
तर्ज : कितना बदल गया इन्सान……
मात-पिता गुरु प्रभु चरणों में वंदन बारम्बार,
हम पर किया बड़ा उपकार – २ ।।
माता ने जो कष्ट उठाया, वह ऋण कभी न जाये चुकाया, अंगुली पकड़कर चलना सिखाया, ममता की दी शीतल छाया,
जिनकी गोदी में पलकर हम, कहलाते होशीयार ।
हम पर किया बड़ा उपकार ।।१।।
पिता ने हमको योग्य बनाया, कमा-कमा कर अन्न खिलाया, पढ़ा-लिखा गुणवान बनाया, जीवन पथ पर चलना सिखाया,
जोड़-जोड़ अपनी सम्पत्ती का बना दिया हकदार ।
हम पर किया बड़ा उपकार ।। २ ।।
तत्व ज्ञान गुरु ने दरसाया, अन्धकार सब दूर हटाया, विजय ने भक्ती दीप जलाकर, हरि दर्शन का मार्ग बताया, बिन स्वार्थ ही कृपा करे वो, कितने बड़े है उदार ।
हम पर किया बड़ा उपकार ।।३।।
प्रभु कृपा से नर तन पाया, संत मिलन का साज सजाया, बल-बुद्धी और विद्या देकर, सब जीवों में श्रेष्ठ बनाया,
जो भी उनकी शरण में आता, कर देते उद्धार ।
हम पर किया बड़ा उपकार ।।४।।