“नेणा रा धणी”
सजी धजी म्हारी बाईसा राज,
जाणे उग्यो पूनम रो चाँद
पग में पायल हाथा में चुड़लो
घना फूटरा बाईसा राज
तारा जड़ी में पैरी चुंदड़ी, पेरयो गले में हारजी
म्हान हिवड़े आय लगाल्यो म्हार नेणारा धणी
म्हारो काजल सारि आंख्या सबको मन बहकावे
जद में चालू जोधाणे री चुनड़ चुनड़ उड़ उड़ जावे
चम-चम करती पहरी मै नथनी ,पहरी कमर में तागड़ी म्हान हिवड़े आय लगाल्यो म्हारे नेणा रा धणी
म्हारो केसर सरीसो मुखड़ो, चाँद देख सरमावे
जद आंगणिये आऊ, सुरज बादल छिपछिप जावे
सतरंगी मै पहरयो बोरलो, पहरयो गोरबन्द हाथजी म्हान हिवडे आय लगाल्यो: म्हार नेणा रा धनी