,(लय- जिसके हृदय में हरि स्वयं बंद है, उनके हर घड़ी आनंद ही आनंद है)
आया नवरात्रि का त्योहार है, होई घर-2 मे जय जय कार है
पहले पायल पहनाऊं, फिर बिछिया पहनाऊं
फिर महावर लगाया लाल है, मैया लागे बड़ी ही कमाल है
मां को हार पहनाये, माँ को कुण्डल पहनाये
मां को बिंदिया लगाये लाल लाल है, मैंया लागे बड़ी ही कमाल है
मांको चूड़ी पहनाई, माँ को कंगना पहनाया
मां को मेहंदी लगायी लाल लाल है मैंया लागे बड़ी ही कमाल है
मां को साड़ी पहनायी माँ को लहगां पहनाया
मां को चूनर ओढाई लाल लाल है
, माँ को टीका लगाया,मां को मुकुटा पहनाया
मांको सिंदुरा लगाया लाल, लाल है माँ से पाया
अटल सुहाग है