(लय-फूलो सा चेहरा’)
वर्षीतप आपने किया हम सब का अरमान है-2
आओ भाभी धीरे-धीरे, बैठो भाभी सज-धज के मंगलगीत गाएंगे हम
हो आओ भाभी धीरे-धीरे, बैठो भाभी सज-धज के मंगलगीत गाएंगे हम।
1. सासुजी थारां सिक्का बंटावें, काकीसा लाड लडावे घणा। जेठसा थारा ढांला गुआवे, जेठानी जी ढाल गावे घणां ननदल बाई आवे लाङकोड करे, जेठुती तप री अनुमोदना करे।। वर्षीतप आपने किया हम-सब का अरमान है
2. मम्मीजी तपसन री नजर उतारें, पापाजी गिन्नी बंटावे धणा, भाई और भाभी चुनडी ओढावे, भतीजा मिल साता पूछे घणा, शासन माता आओं, साज दिराओ, तपसी ने तप रा पचक्खाण कराओ।।
वर्षीतप आपने किया हम-सब का अरमान है।
3. केसर स्यूं थारै तिलक लगावां, मेहदी स्यूं हाथ मंडावा घणा, इक्षुरस स्यूं पारणो करावां, तप री करा म्हें अनुमोदना, मंगलकामना है, शुभ भावना है, तपसन ने देवा घणी बधाईयां ।। वर्षीतप आपने किया हम-सब का अरमान है।