Author name: Sunita Dugar

Balaji, Hanuman Ji

Tere Jaisa Ram Bhakt, Koi Hua Na Hoga Matwala

 तेरे जैसा राम भक्त हुआ न होगा मतवाला (तर्ज : क्या मिलिए ऐसे लोगों से) तेरे जैसा राम भक्त, कोई हुआ न होगा मतवाला । एक जरा सी बात की खतिर, सीना फाड़ दिखा डाला ।। टेर ।। आज अवध की शोभा लगती, स्वर्ग लोक से भी प्यारी। चौदह वर्षों बाद राम की, राज तिलक […]

Balaji, Hanuman Ji

Anjani Ko Lal Niralo Re Anjani Ko

अंजनी को लाल निरालो रे, अंजनी को ऐसो तो निरालो बाबो और नहीं देख्यो देख्यो एक हठीलो रे अंजनी को घुघरू बांघ बाबो छम छम नाच लाल लगोटे वालो रे अंजनी को नाचत नाचत भयो मतवालो मतवालो छोटो बालो रे अंजनी को 2 रोम रोम में राम रमयो 2 राम नाम मतवालो रे अंजनी को

Bhachya, Tapsya Geet, Varshitap

Rang Birange Tap Sumano Se , Varshitap

(लय-यह भारत देश है) रंग बिरंगी तप सुमनों से, सुरभित दशों दिशाएं। लो मंगल गीत सुनाएं।। 1. हर फूल खिला, हर कली खिली, वरसा वर्षीतप सावन, जुही चंपा और चमेली, बना गुलाब यह शतदल। भीनी भीनी सौरभ से, गाती है गीत हवाएं। 2. नन्दनवन के इस उपवन में, बहते तप के झरने, तप गंगा में

Mata Ji

Dhoya Dhoya Angan Padharo Mhara Mataji,

धोया धोया आंगण पधारो लय : धोया धोया आंगण में  धोया धोया आंगण पधारो म्हारा माताजी – 2 थान टाबरिया बुलावें, बेग्गा आवो म्हारा माताजी थान बालकिया बुलावें, बेग्गा आवो म्हारा माताजी फूला स्यु थारों मन्दिर संजावा – 2 कण कण में थारो नाम बसावां 2 दर्शन देवण आवो म्हारा माताजी 2 थान टाबरिया—-. घिरत

Shiv Bhajan

Fariyad Meri Sun Ke,Shiv Bhajan

फरियाद मेरी सुन के (तर्जः ऐ! मेरे दिल नादान…….) फरीयाद मेरी सुन के, भोलेनाथ चले आना नित ध्यान धरूँ तेरा, बिगड़ी को बना जाना।। तुझे अपना समझ कर मैं, फरियाद सुनाता हूँ, तेरे दर पर आकर मैं, नित धूनी रमाता हूँ, क्यों भूल गये बाबा, मुझे समझ के बेगाना।। फरीयाद मेरी. मेरी नाव भंवर डोले,

Bhachya, Tapsya Geet

Ghor Tapsi Ki Dhal

(तर्ज और रंग दे रे..) घोर तपस्वी मुनि श्री सुखलालजी घोर तपसी हो मुनि घोर तपसी, थारो नाम उठ-उठ जन भोर जपसीजी।  घोर तपसी हो ‘सुख’ घोर तपसी, थारो जाप जप्यां करमां ही कोड़ खपसी ।। दो सौ बरसां ही भारी ख्यात है बणी, थांरो नाम मोटा तपस्यां रेसाथ फबसी।  ओअनशन आ सहज समता, लाखों

Bhachya, Tapsya Geet

Tapsya Ro Melo Mandyo In Nagari Me

(तर्ज : रुणझुणियो) तपस्या रो मेलो मंडयो इण नगरी में। छाई है अजब बहार, मोद मनाओ जी ॥ १. सावणियै में रिमझिम मेहड़लो बरसै, त्यूं तप री झड़ी सुहाय ॥ २. तप री करणी मोटी विरला कर पावै । हिम्मत स्यूं बेड़ो पार ॥ ३. तप रै झीणै मारग वीर पुरुष चालै । कायर दिल

Bhachya, Tapsya Geet

Tap Ka Jab Deep Jale

(तर्ज: मेरे गीत अमर कर दो) जीवन का शुभ अवसर, तप ज्योति जलाई है। तप की महिमा गाते, कलियां विकसाई है ॥ १. तप कठिन साधना है हर एक न कर पाता।  आगम में गाई है जिसकी गौरव गाथा।  कितनों ने तप करके महिमा महकाई है ॥ २. जब भूख सताती है मन चंचल हो

Bhachya, Tapsya Geet

Mahavir Re Shasan Ri Mahima Mahkava,

(तर्ज : स्वामी भीखणजी रो नाम) महावीर रै शासण री, महिमा महकावां । स्वामी भीखणजी रै संघ री, गुण गाथा गावां ।। आओ तपस्या री गंगा में, संयम साबुन स्यूं आ आतमां री, चादर धोवां ।। १. तप की गरमी तेज बढ़ावै, तन मन का सब रोग मिटावै । शासन माता रा सब आओ, मिलजुल

Bhachya, Tapsya Geet

Tapsya Nirali Re,

तपस्या निराली रे तपस्या निराली रे देखो, चमके है तपसी रो दीदार । संयम री  शक्ति तपस्या निराली , रे। देखो खुल जावे सुरगां रा भी द्वार, मिट जावे जन्मा रा विकार संयम री शक्ति तपस्या निराली रे ।। १. करड़ो काम तपस्या रो, विरला ही कोई कर पावै, नाम सुण्या ही जीवड़ो कांपै, धड़कन

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