Sun Sun A Mhari Sachhiya
सुण सुण ए म्हारी संच्चिया (तर्ज : उड़ उड़ रे म्हारा) सुण सुण ए म्हारी संच्चिया माता। म्हें तो थारो मेलो देखण आंवाला।। मंदरिये में भजन सुणावांला । हाथां मेंहदी थारै रचावां रोली को टीको लगावांला, मंदरिये में. अष्टमी ने थांरी रात जगावां, नवमी ने धोक लगावांला, मंदरिये में. चुन चुन कलियां बागा स्यू ल्याया, […]