Bada Dukh Paya Re Tujhko Bisar Ke

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana.

(लय- छुप गया कोईरै)
बड़ा दुख पाया रे तुझको बिसार के 
रंग अनोखे देखें, इस संसार के
भूले उपदेश तेरा ये, जगवासी, 
चोला अनमोला खोये बनकर विलासी
 कर्मों की वीणा बाजे पापों के तार से ।।
भटके पथिक अब हुए हैं. दीवाने
गकर्म की गति को कोई नहीं पहिचाने  
 प्यासे है सब तेरी अमृत सी धार के
राग दैष और क्रोध के मारे 
अपनी ही बगिया को  आप उजारे 
वीर मण्डल को प्रभु तेरा आधार रे

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