Aarti

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Shree Khatu Shyamji Ki Aarti

।। श्री खाटू श्यामजी की आरती ।। ॐ जय श्रीश्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत, अनुपम परे ।। ।। रतन जडित सिहासन, सिर पर चंवर दुरे। जन केसरिया बागो. कुण्डल श्रवण पड़े।।।। गल पुष्पों की माला, सिर पर मुकुट परे। खेवत धूप अग्नि पर दीपक ज्योति जले।। ॐ।। मोदक खीर चूरमा, […]

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Anjani Mata Ki Aarti

श्री अञ्जनी माता की आरती ॐ जय अंजनी माता, मैया जय अंजनी माता । कपि केशरी महारानी, हनुमत की माता ॥ टेर।। चार भुजा अति सुन्दर, शीश मुकुट सोहे, मैया शीश.. गल मोतियन की माला, दर्शन मन मोहे ॥ॐ जय.. आदि कुमारी माता, शक्ति जगदम्बा, मैया शक्तिक उमा रमा ब्रह्माणी, त्रिभुवन जन पन्नाराम सुखदाता, जिन

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Mataji Ki Aarti

ॐ कर्पूर गौरं करूणावतारं, संसार सारं भुजगेन्द्र हारं । सदा वसन्तं हृदयार्विन्दे, भवं भवानी सहितं नमामि ।।  ॐ जय अम्बे गौरी, हो मैय्या जै मंगल मूरती, हो मैय्या जय आनन्द करणी । तुम को निश दिन ध्यावत, हरि, ब्रह्मा, शिवरी ।। ॐ जय मांग सिन्दूर बिराजत टीको मृगमद को, हो मैय्या टीको मृगमद को,  उज्जवल

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Hanuman Ji Ki Aarti,

आरती श्री हनुमानजी की दोहा : संकट मोचन हनुमान प्रभु, भक्तों के प्रतिपाल । शरणागत की लाज राखियो, हे अंजनी के लाल। आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की। जाके बल से गिरिवर कांपे, रोग दोष भय निकट न झांके। अंजनी पुत्र महा बल दाई, सन्तन के प्रभु सदा सहाई। दे बीड़ा

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Om Jai Jagdish Hare

ॐ जय जगदीश हरे ॐ जय जगदीश हरे, प्रभू! जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट क्ष्ण में दूर करे ।। ऊँ ।। जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।। सुख-सम्पति घर आवै, कष्ट मिटे तन का ।। ॐ।। मात – पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी। तुम बिन और न दूजा, आस करूं

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Jai Lakshmi Mata, Lakshmi Ji Ki Aarti

आरती श्री लक्ष्मी जी की ॐ जय लक्ष्मी माता मैय्या जय लक्ष्मी माता तुमको निशदिन सेवत हर विष्णु विधाता (जय०) ब्रह्माणी रूद्राणी कमला, तू ही हैं जग माता, सूर्य चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता (जय०) दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता, जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता (जय०) तुम्ही है पाताल बसन्ती तुहीं

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Ambe Tu Hai Jagdambe Kali

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्परखवाली :: आरती :: अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्परवाली, तेरे ही गुण गाये भारती, औ मैया हम सब उतारे तेरी आरती। तेरे जगत के भक्त जनन पर भीड़ पड़ी है भारी। दानव दल पर टूट पड़ो मां करके सिंह सवारी।। सौ सौ सिंहो से तू

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Bheru Ji Ki Aarti,

श्री भैरू जी की आरती जय भैरू देवा, प्रभु जय भैरू देवा सुर नर मुनि सब, करते प्रभु तुम्हरी सेवा जय… तुम्ही पाप उधारक, दुख सिन्धु तारक भक्तों के सुख कारक, भीषण बकुधारक जय…. वाहन स्वान विराजत कर त्रिशुल धारी महिमा अमित तुम्हारी, जय जय भयहारी जय. तुम बिन शिव की सेवा, सफल नहीं होते

Aarti, Mata Ji

Bhor Bhayi Din Chadh Gaya Meri Ambe Aarti Jai Ma

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे, होरही जय जय कार मंदिर विच आरती जय मां,हे दरबारा वाली आरती जय मां,ओ पहाड़ा वाली आरती जय मां । १.काहे दी मैया तेरी आरती बना वा, काहे दी पावा विच बाती मंदिर विच, आरती जय मां । सुहेल चोलिया वाली,आरती जय मां हे पहाड़ा वाली आरती जय

Aarti, Gajanan, Ganesh Ji, Ganpati

Jaidev Jaidev Sukh Karta Dukh Harta ,

जय देव जयदेव 1,सुख करता दुख हर्ता, वार्ता विध्नाची  नूवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची  सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदू राची  कंठी झलके ‌माल मुक्ता फलाची  जय देव जयदेव जय मंगलमूर्ति  दर्शनमात्रे मनकामना पूर्ति, जय देव जय देव  2,रत्नखचित फरा तुझ गौरी कुमरा,  चंदनाची ऊटी कुमकुम केसरा  हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा रूँझूंती नूपुरे चरनी घाघरिया, जय

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