4.Forth(chothe) Tirthankar Bhagwan Shree Abhinanandn Ki Kahani
4rth Tirthankar Bhagwan Shree Abhinanandn Ka Symbol (Pratik)(Monkey) भगवान् श्री अभिनन्दन तीर्थंकर गोत्र का बंध महाबल के भव में भगवान् अभिनन्दन का जीव भौतिकता के प्रति सर्वथा उदासीन रहता था। राज्य सत्ता व युवावस्था का जोश भी उन्हें उन्मत्त नहीं बना सका। पिताजी का सौंपा हुआ दायित्व वे निर्लिप्त-भाव से निभाते थे तो संयम के […]