Dipawali

Diwali Par Kavita

DIWALI छट जाये अज्ञान अंधेरा तो फिर रोज़दिवाली है।  ज्ञान उजाला डाले डेरा तो फिर रोज़दिवाली है।  मन अवध में राम जो आये तो फिर रोज़दिवाली है।  अहंकार का वध हो जाये तो फिर रोज़दिवाली है।  ज्योत से ज्योत जगाते जायें तो फिर रोज़ दिवाली है।  रोशन राह बनाते जायें तो फिर रोज़दिवाली है। प्रेम […]