Festival (त्योहार)

Gangour, Gor

Gora Bai Thari Chundadi R Charu Palla Mor

(लय – देना है तो दीजिये) गोरा बाई थारी चुनड़ी र चारु पल्ला मोर-2 ईसर जी थाने निरखे थे तो होजी चितचोर-2  लांबा लाबा केश है थारा ,झुमका झोला खावेजी-2 नैणा काजल ऐसो घाल्यो , ईशर जी री नींद चुरावै जी  थारो लटको कामण गारो-२ ,थेतो होजी चितचोर  गौरा बाई थारी चुंदड़ी  टीको पेरेयो रखड़ी […]

Gangour, Gor

1cheta Me Mhane Gavar Poojan Ri, 2. Goura De Mayi

 लय-एजी हांसा म्हारी (नैणारा लोभी) चेता में म्हाने गवर पूजण री मन में आवेसा-2  गवरा दे म्हारी किकर आउसा -2  गवरा दे म्हारी रूणक झुणक पायल बाजे सा  महला में बैठा सायब जी तो बरजे सा-2 म्हारी सुन्दर गौरी थांसू करा म्हे मनड़े री बात सा-2  म्हारी सुन्दर गौरी किकर भेजा सा सायब जी म्हारी 

Gangour, Gor

Aaj To Goura Dekho Bani Re Dulhniya

(लय- कौन दिशा में लेके चला रे) गणगौर गीत – आज तो गोरा देखो बनी रे दुल्हनिया आज तो गौरा देखो बनी रे दुल्हनिया ,चली इसरजी के साथ,लेके हाथों में  हाथ जरा देखन दो देखन दो शीश गोरा के रखङी सोहे, कान गौरा के झुमके सोहे  जामे जड़ों रे नगीना, जरा पहनन दो पहनन दो

Gangour, Gor

Goral Mhari Re

गणगौर चुंदड़ी  (लय- बनो म्हारो रे) गौरल म्हारी रे या लाल चुनर म लाग प्यारी ये, गौरल म्हारी रे पतला, पतला होंठा पर लाली रो बोझ भारी रे,  जद या बोली बोलना लाग प्यारी रे,  गौरल म्हारी रे गौरल म्हारी रे 2) लम्बा लम्बा केशा पर गजरा रो बोझ भारी रे  2 जद म्हारी गोरां

Diwali

Deep Jala Ho Aangan Angan

दीप जला दो, आंगन, आंगन ये प्रकाश के पंख रुपहले दूर क्षितिज पर जाकर पहले कर देअपना विज्ञापन यह, दीप जला दो आंगन-२ धुंधले पथ अंधियारी राहें, पकड़ पकड़ ज्योतिरमय बांहे स्वर्ग बना दे जगत अपावन 3 अंधकार का नष्ट गर्व है दीप जले है ज्योतिपर्व है  उजाला -२ दामन-2 मन से मन का दीप

Akshay Tritiya

Akshay Tritiya Ka Supawan

अक्षयतृतीया अक्षय तृतीया का सुपावन आया पर्व महान संदेशा  साधना का, तपकी आराधना का । माँ मरुदेवा के नन्दन प्यारे, पहले तीर्थंकर कुल उजियारे असि मसि कृषि का पाया जगति ने तुमसे ज्ञान,  सन्देशा-  मुक्ति का का पथ अपनाया छोड दिया राजपाट को एक बरस तक धूमे आहार न मिला सम्राटको  उस युग की जनता

Dipawali

Diwali Par Kavita

DIWALI छट जाये अज्ञान अंधेरा तो फिर रोज़दिवाली है।  ज्ञान उजाला डाले डेरा तो फिर रोज़दिवाली है।  मन अवध में राम जो आये तो फिर रोज़दिवाली है।  अहंकार का वध हो जाये तो फिर रोज़दिवाली है।  ज्योत से ज्योत जगाते जायें तो फिर रोज़ दिवाली है।  रोशन राह बनाते जायें तो फिर रोज़दिवाली है। प्रेम

Nav Varsh, Naya Sal, New Year

Ja Raha Purana Varsh Naya Aa Raha

(लय-देखा एक ख्वाब तो ये सिल सिले हुए) जा रहा पुराना वर्ष नया आ रहा  झूम रहा है मन खुशी से गा रहा  सपने नये है उम्मीदे नयी ,सतरंगी फूल ये चमन खिला रहा नूतन बहारे नये रंग सजे,हर दिल में रोशनी के दीप जले प्रेम भाव से सबकेफिर गले  मिले, भूल जाये बीते हुये

Nav Varsh, Naya Sal, New Year

Abhinandan Nav Varsh Ka

(लय-आने से उसके आये बहार) अभिनन्दन नव वर्ष का आज, खुशिया फैले खिले उजास स्वागत स्वागत है नये वर्ष का,  गीत सुनाते हैं नये वर्ष ओस सुबहकी चमकी ,बिखराकर  के छटा जो निराली नववर्ष सौगाते लाया, जैसे घर -2 में होली दिवाली  दिल खोले, झूमे नाचे ,स्वागत करे मिल के, नये वर्ष का गीत सुनाते

Nav Varsh, Naya Saal, New Year

Khili Khili Kaliya Basant Aaya Naya Varsh

(लय धीरे -२ बोल कोई सुन ना ले) खिली खिली कलिया बसन्त आया ,नया वर्ष आके मुस्काया-2 मान मिले, सम्मान मिले, समृद्धि का वरदान‌ मिले  खिली खिली कलिया बसन्त आया ,नया वर्ष आके मुस्काया  नया वर्ष, नव हर्ष उमंगें जोर   आशा का नव सूरज लाई भोर स्वपन बुने, नव राह चुने ,-2खुशियो के भंडार मिले 

Scroll to Top