Paryushan

Jain Bhajan, Paryushan

Aayo Jain Jagat Ro Pramukh Parv Samvatsari Re (paryushan)

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. महापर्व – संगान (लय- माता सीता की गोदी में हनुमत डाली मूदंडी) आयो जैन-जगत रो प्रमुख पर्व संवत्सरी रे ।  छायो सकल संघ में रंग, धर्म-जड़ हरी भरी रे ।। पर्यूषण पर्व नाम कहायो, भाद्रव महिनो सदा सुहायो, नियमित धवल पक्ष निरमायो, प्रायः पांचम […]

Jain Bhajan, Paryushan

Atma Ki Pothi Padhne Ka Yah Sunder Avasar Aaya Hai

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. पर्युषण गीत सान्निध्य-समणी निर्देशिका डॉ निर्वाणप्रज्ञा आत्मा की पोथी पढ़ने का यह सुंदर अवसर आया है । सोपान यही है चढने का मस्तिष्क मनुज का पाया है। संवत्सर का संदेश सुने निर्मल मन निर्मल काया है। 1. जीवन की पोथी के पहले, पन्ने में

Jain Bhajan, Paryushan

Barse Bhadudo Rim Jhim (paryushan Parv)

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. बरसै भादूड़ो रिमझिम रिमझिम (लय-अपने पिया की…) मिलजुल कर आज सारा पर्युषण मनावां । बरसै भादूड़ो रिमझिम रिमझिम । धर्म जगावा आवो पर्युषण मनावां ।। आं ।। जैन धर्म रो महापर्व ओ शुभ संदेशो ल्यायो है । मोह नींद स्यू जागो लोगां सुंदर अवसर

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Chadariya Nai Rangayi Hai (khamat Khamna Geet) (paryushan)

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. खमत-खामणा गीत (तर्ज : तावड़ो धीमो पड़ज्या रे….) – साध्वी श्री राजीमतीजी चदरिया नयी रंगाई है-२ यदि रागद्वेष रो दाग लागग्यो, क्षमा सफाई है।चदरिया नयी रंगाई है-२  1. हाथ जोड़ सगलां स्यूं म्हांरा, खमत खामणा है।  बिना खमायां गति बिगड़ै, आसूत्र-धारणा है।  समाई खरी

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Jaha Janam Janam Ke Ver Bhav Ka Hota Hai Nistara (Khamat Khamna)

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. पर्युषण प्यारा (लय : जहां डाल डाल पर….) जहां जनम जनम के वैर भाव का होता है निस्तारा। ये दिन संवत्सरी प्यारा-२ जहां प्राणी मात्र से प्रेम भाव का जो करता है इशारा ये पर्व पर्युषण प्यारा-२ जय शासनम् जिन शासनम् ।। ध्रुव ।।

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Koti Koti Kantho Se Gaye

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. क्षमा दिवस (मैत्री मंत्र) (तर्ज : कोटि कोटि कंठों से गाएं……) बड़े प्रेम से मिलजुल सीखें, मैत्री-मंत्र महान रे । औरों से ले क्षमा स्वयं, औरो को करे प्रदान रे ।। व्यक्ति – व्यक्ति में जाति-जाति में, वैमनस्य जो बढ़ता, प्रातं-प्रांत में राष्ट्र-राष्ट्र में,

Jain Bhajan, Paryushan, Terapanth

Kshamayachana Geet (Saptlaskh Je Jati Prithwi) पर्युषण

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. क्षमा याचना गीत श्रीमज्जयाचारय‌ सप्त लक्ष जे जाती पृथ्वी श्री सप्त लक्ष अपकाय, इत्यादिक चउरासी लाख जे जीवायोनि खमाय ।  सुगुणा ! खमावियै तज खार ।।१।। गण में सन्त सती गुणवन्ता, सगला भणी खमाय ।  निज आतम प्रति नरम करी नै, मच्छर भाव मिटाय

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Maitri Diwas Manaye Hum (paryushan)

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. मैत्री दिवस मनायें हम (लय-धीरे धीरे बोल…) मैत्री दिवस मनायें हम, मन को विमल बनायें हम । सरल हृदय बन जायें हम, सबसे आज खमायें हम । हम ग्रंथियों को खोल लें, रूठों से हंसकर बोल लें ।। ।। भूलों का पुतला होता इन्सान

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Maitri Ke Anupam Deep Jale

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. मैत्री के अनुपम दीप जले, पर्युषण पर्व सुहाना है। श्रद्धा के सुरभित सुमन खिले, पर्युषण पर्व सुहाना है। १. मुश्किल से मानव जन्म मिला। जिन शासन पा सौभाग्य खिला। तप जप करने वे क्षण उजले ॥ २. माला जपने मन टिका नहीं। ना सामायिक

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Man Ne Saf Rakhije (khamat Khamna)

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. मन ने साफ राखीजै (तर्ज : माता वदनाजी रो लाडली……….) -साध्वी श्रीराजीमतीजी रे चेतन! जीणो है दिन च्यार, मन नै साफ राखीजै। रे मनवा! पापां रो ओ भार, सिर पर मतना बांधीजै ।। 1. मन नै साफ राखणियां तो कोई-कोई है।  मैली वृत्त्यां पर

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