Mere Nishfal Ho Sab Pap
यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection. समणी मंजुल प्रज्ञा जी मेरे निष्फल हो सब पाप हृदय हो साफ भावना भाऊं जीवन को सफल बनाऊ ।। ①यदि हिंसा त्रस स्थावर की यदि पीड़ा किसी जीव को दी करती पश्चाताप पाप धो […]