Gusai Ji

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Mankha Ri Deh Bani Re Karigar

गुसाई बाबाकी आरती   मानखा री देह बणी रे कारीगर कोन पुरुष म्हा वोल रहया नवसर नाड़ बोहत्तर कोटा, कांई -2मांय-2 सब भरिया अपने कंवर आगे चंवर ढुलावो करोरे  अलख हर री आर तिया  आरतिया  महाराज गुसाई री आरतिया महाराज कंवर री आरतिया अलख गुसाई री अलख पुरुष री आरतिया   सतजुग  में प्रहलाद सिधारया पांच […]

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Bhid Padya Bhagta Ne Ubaro

बाबा गुसांई जी महाराज का भजन भीड़ पड़या भगता ने उबारो ! संकट मेटो साई जागो म्हारा गुरुदेव गुंसाई घर धारु ने घर जमो जगायों ! बाई रूपादे आई !! कोप कियो मेवा का राजा। थाली में बाग लगायो भीड़ पड़या भगता….. पांचू पाण्डव माता कुन्ती। गुरु दुर्वाशा आयी। घूना आम लगाया बारने। निवत जीमाया

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Gusai Ji Maharaj Ki Aarti

(बाबा गुसांई जी महाराज की आरती) खम्मा – खम्मा खंमाजी गुसांई तप धारीजी। जुगड़ा में परचो भारी जीयो। सब जन मिलकर हरकी करे आरती। सब जन नाम उचारै जियो। राजा बलि ने परचो दियो, तीन त्रिलोकी दिखायी जियो। जुंजाला में परचो दिया मारा बाबाजी। मरता री जान बचाई जीयो। खम्मा-खम्मा ……. झाड़ी रे नेड़े आंवता

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Gusai Baba Ki Chayali -2

गुसाई बाबा की छायली-२ मुम्बई तो बाजा बाजिया, कोई जुंजाल में गोरया रे निशाण वारि जाऊं बाब ने ॥ कोई शेरेरां में गो‌रया रे निशान वारि जाऊं बांबे ने ताल खुणावां बाबा जोड़लो कोई ऊंचोड़ी बंधावा धोली पाल, वारिजाऊं बाबे ने ॥ दूधड़ला छलावा बाबा जोड़लो, कोई माखणिय बंधावा धोली पाल ,वारि जाऊं बाबे ने 

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Gusai Baba Ki Chayali-1

गुसाई बाबा की छावली (छायली) “”” उत्तर दिखणस्यू आया धणी ओढला, जीओ म्हे कोई हवद् खुणाय वारि ओ गुसाई बाबा म्हे  भल ,वारि  सतजुग देवन ।।  जीओ ताल खुणावा धणी थारो जोड़लो, कोई ऊंचोड़ी बंधावा धोली पाल, वारि ओ गुसाई बाबा म्हे भल वारि जुंजाल र देवन ॥  जीओ दुधड़ला छलावा धणी धारो जोड़‌लो जीओ

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