Hindu Deities (हिंदू देवी-देवता)

Mata Ji

“Aajao Dharti Par Ek Bar”

(तर्ज : धरती धोरा री) आओ धरती पर एक बार, सुण्ल्यो भक्ता री पुकार ।  दे दो म्हाने थोड़ा प्यार, आओ माताजी, हो हो आवौ माता जी ।। टेर ।। भारत भू पर पाप बढ़यो है, पापी नव इतिहास रचियो है। सगलें धर्म प्रभाव घटियो है ।। आओ 2 सतयुग द्वार त्रेता आया 2 कलयुग […]

Mata Ji

O Sanchal Sachhiya Ma

ओ साँचल संच्चिया माँ तर्ज : मेरे गीत अमर कर दो.. ओ साँचल संच्चिया माँ, मुझे ऐसी शक्ति दो। करूँ सेवा मैं हर पल, मुझे ऐसी भक्ति दो।। ओसिया नगरी में माँ, मंदिर है बड़ा भारी, मूरत तुम्हारी माँ, लगती मन को प्यारी। पाकर दर्शन माँ के, – (2) जीवन को सफल कर दो।। तेरे

Mata Ji

“Udja Mere Man Ki Maina

उड़ जा मेरे मन की मैना (तर्ज : उड़ जा काले……) उड़ जा मेरे मन की मैना, माँ के भवन को जा,  भूल ना जाना मेरी माँ से, कहना संदेशा, कहना जा के महारानी से, आहें मैं भरता हूँ, तेरी याद में पल पल मैय्या², जीता हूँ मरता हूँ, भवानी कब आओगी, दरश दिखाओगी।। पलकें

Mata Ji

“Rom Rom Se Nikle Maiya Nam Tumhara

(तर्ज : जनम जनम का) रोम रोम से निकले मैय्या, नाम तुम्हारा – 2, ऐसा दो वरदान कि जन्मुं, बन के भक्त तुम्हारा।। रोम रोम से. बिन मांझी के नैय्या, चलती दम पे तेरे, बिन बोले तू मैय्या, हरती दुःखड़े मेरे, बीच भंवर में अटके नैय्या, तो देना इसे किनारा ।। स्वार्थ के संसार ने,

Mata Ji

Hello Marle Aavegi Maiya

हेलो मार लै, आवैगी मैय्या सिंह चढ़ कै, हेलो मारलै….. बैठय्या शरण मांहिं, माथो अपणो टेक के । भागी आसी गलै लगासी -2, सेवक देख के ।। हेलो मारलै…. सगलां नै सम्भालै मैय्या, थांनै भी सम्भाल सी टाबर भौला मैय्या स्याणी – 2, आफत टालसी हेलो मारलै. ऐसे बोले वैसे बोलै, क्याणै दीदो खोवै रे

Mata Ji

Jhilmil Jhilmil Chunari Me Tara Chamke

झिलमिल झिलमिल चुनड़ी मे तारा चमके, आज्या ए भवानी थांरा सेवक तरसे।। लाल सुरंगी मेंहदी थारै, हथेल्या राचै लाल, धाम है थांरो ओसिया माता मंदिर बण्यो विशाल, सिंह पर बैठ्या माताजी न सेवक निरखे, आज्या ए भवानी. हाथां सोव लाल चुड़ो मां, गल बीच नौसर हार, लाल कसुमल कब्जो सोव, लम्पी की बहार, काना मांही

Mata Ji

Chalo Chalo Ma Ke Dham

(तर्ज : धमाल) ओ हो ओसियां (मोरखाना)चालो रे साथीड़ा मां के धाम चालां रे, ओसियां( मोरखाना)चालां रे । ओ हो धाम तू चालै रै, मां के धाम चालां रे।। ओसियां (मोरखाना)चालां रे ।। सोने रै सूरज री शोभा, सांचल मुख दीपायो रे । रतन सिंहासन मात बिराजै, देवा चंवर दुलावै रे। हो SSS चौसठ जोगनी

Mata Ji

Bhakto Ko Darshan De Gayi

(तर्ज : चलत मुसाफिर मोह लिया…..) भक्तों को दर्शन दे गई रे, एक छोटी सी कन्या ।। छोटी सी कन्या-2 भक्तो ने पूछा मैय्या, नाम तेरा क्या है? “सच्चियाय”(सुसवानी) नाम बता गई रे, एक छोटी. भक्तो ने पूछा मैय्या, धाम तेरा कहां है? ओसियां(मोरखाना) गांव, बता गई रे, एक छोटी भक्तो ने पूछा माँ, प्रसाद

Mata Ji

Aayo Navratri Ro Tyohar, Badhai,

(तर्ज : अंजनी माँ रै हुयो……) आयो नवरात्रा त्यौहार, बधाई सारे भक्ता नै, पावन ओसिया गांव, बधाई सारे भक्ता नै, आज यो आगणो, धन्य हुयो है, नवरात्रा प्रारम्भ हुया है, नाचो रे नाचो दे दे ताल, – 2 बधाई सारे भक्ता नै. खुशखबरी आ, सवने सुणावां, झुमा रे नाचा म्हें तों मौज मनावां मैयाजी आई

Mata Ji

Jag Dambe The To Aakr Odho A

(तर्ज : बाईसा रा बीरा) जगदम्बे थे तो आकर ओढ़ो ए, थारा सेवक ल्याया मां, तारा री चुनड़ी। सुहागण मिल, चाव से बांधी ए, श्रद्धा क रंग में रंगाई चुनड़ी ।।1।। सुर तांरो झीणों, पोत मंगायो ए, मनड़े की पेटी म, आ आई चुनड़ी ।।2।। आशा का तारा, खूब लगाया ए, मोती की लुमा, लगाई

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