Kan Kan Me Vas Hai Jiska
।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्जः ये बन्धन तो प्यार का ……) कण कण में वास है जिसका, तिहुलोक में राज है उसका, हारे का साथ निभाये, प्रेमी पर प्रेम लुटाये, ऐसा तो हमारा बाबा है, बाबा तो हमारा है ।। टेर ।। श्याम प्रभू को कोई, अपना बनाकर देखे, कितना प्यार लुटाता, प्रेम बढ़ाकर […]