Jag Dambe The To Aakr Odho A
(तर्ज : बाईसा रा बीरा) जगदम्बे थे तो आकर ओढ़ो ए, थारा सेवक ल्याया मां, तारा री चुनड़ी। सुहागण मिल, चाव से बांधी ए, श्रद्धा क रंग में रंगाई चुनड़ी ।।1।। सुर तांरो झीणों, पोत मंगायो ए, मनड़े की पेटी म, आ आई चुनड़ी ।।2।। आशा का तारा, खूब लगाया ए, मोती की लुमा, लगाई […]