Suparshavnath

7.SatveTirthankar Bhagwan Shree Suparshavnath

7th Tirthankar Bhagwan Shree Suparshavnath Ka Symbol (Pratik) (Swastika) भगवान् श्री सुपार्श्वनाथ तीर्थकर गोत्र का बन्ध क्षेत्रपुरी नगरी के राजा नन्दीसेन पूर्व जन्मों की साधना से बहुत ही अल्पकर्मी थे। विपुल भोग सामग्री पाकर भी वे अन्तर में अनासक्त थे। सत्ता के उपयोग में उनका मन कभी लगा नहीं। वे सत्ता से विलय होने के […]