Mahapragya

Mahapragya

Mahapragya Pragya Ke Sagar

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. (लय : धर्म की लौ जलाएं…) चरणो में शीश झुकाते हैं,  महाप्रज्ञ प्रज्ञा के सागर, गौरव गाते हैं । मां बालू की रत्न कुक्षि को, तुमने धन्य बनाया,  चौरड़िया परिवार का गौरव, तुमने […]

Mahapragya

Mahapragya Tera Gun Gan Karu

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. (लय–आ चलके तुझे  मैं लेके चलू ) महाप्रज्ञ तेरा गुणगान करू मन की ये आश फले  पर शब्द नहीं क्या गीत लिखु, मन श्रद्धा दीप जले  ① आगम के सक्षमज्ञाता हो जैन जगत

Mahapragya

Mousam Hai Suhano Ujali Bhor

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. महाप्रज्ञजी (जन्मोत्सव) मौसम है सुहाणो उजली भोर न्हायो हैरोशनी  में गांव टमकोर  तोलामल जी तात निहाल-2 जननी बालू जी खुशहाल पा सुत कालजिय री कोर  लियो दिव्य ज्योति अवतार  स्वागत करे सकल संसार

Mahapragya

Namu Mai Mahapragya Matiman

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. (लय-प्रभो यह तेरापंथ महान) नमुं मैं महाप्रज्ञ मतिमान। जिनके रोम-रोम में झलके,  श्री तुलसी महाप्राण ।। नमुं मैं महाप्रज्ञ…… जन्मभूमि टमकोर तिहारी, माता सति बालूजी प्यारी, नत्थू नाम दियो सुखकारी। जद कुण सोची

Mahapragya

O Dashame Divya Diwakar(S)

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. रोशनी पाके गुरुवर से ज्ञान  सूरज उगाया था  गुरु में तुम, तुम्हारे में गुरुका दिल समाया था  घोर कलिकाल में उंचाइया देदी समर्पण को  बने महाप्रज्ञ नथमल से स्वयं गुरु  ने   बनाया था…

Mahapragya

Shanti Ka Sandesh

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. शांति का संदेश देखने का कोण बदलें। सोचने का कोण बदलें,  शांत हो आवेश। हिंसा का कारण है रोटी और गरीबी उसकी चोटी  पर भूखा हिंसा करता जब शांत नहीं आवेश ।।१ ।।

Scroll to Top