Namu Mai Mahapragya Matiman

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana.

तर्ज (Tune): प्रभो यह तेरापंथ महान

भजन के बोल / Lyrics

नमुं मैं महाप्रज्ञ मतिमान। जिनके रोम-रोम में झलके,
 श्री तुलसी महाप्राण ।। नमुं मैं महाप्रज्ञ……
जन्मभूमि टमकोर तिहारी, माता सति बालूजी प्यारी, नत्थू नाम दियो सुखकारी। जद कुण सोची नत्थू पासी, गण रो दशमो स्थान ।।1।। नमुं मैं महाप्रज्ञ….
श्री कालू चरणां संयम पथ, शुभदृष्टि तुलसी री अनवरत, मुनि नथमल से महाप्रज्ञ तक प्रज्ञापुरूष आध्यात्मिक योगी, विश्व करै सम्मान ||2|| नमुं मैं महाप्रज्ञ….
शास्त्र भाषित सात्विक वाणी, घणी सुहाणी है फरमाणी, मूंडे मूंडे एक कहानी। उज्ज्वल भिक्षु गण रो भविष्य, पाया करूणानिधान।।३।। नमुं मैं महाप्रज्ञ….
अनुपम ध्यान योग में निष्ठा, महाप्रज्ञ री महाप्रज्ञता, सर्वालय री बढ़ी प्रतिष्ठा, “गणपत” गूंजो गुरूवर युग-युग, अन्तर्दिल अरमान ।।4।। नमुं मैं महाप्रज्ञ….

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