Tapasya (तपस्या)

Anuvrat

Anuvrat Ka Deep Path Dikh Laye

अणुव्रत   (लय-हमने जग की की अजब तस्वीरदेखी)  अणुव्रत का  का दीप पथ दिखलाये,  छोटे -२ व्रत जीवन चमकाए  गुरु तुलसी ने वरदान दिया   जागृति का मंत्र महान  दिया  अणुव्रत की सुवास मन सरसाये,   छोटे-2 व्रत जीवन चमकाये ② मानवता का स्वर अणुव्रत है  नैतिकता कि स्वर अणुव्रत है संयम की सुरीली  सरगम गाये,  छोटे छोटे […]

Barah Vrat Sadhna

Vrat Diksha (12Vrat Sadhna)

व्रत दीक्षा श्रावक की पहली भूमिका है- सम्यक्त्व दीक्षा। सम्यक्त्व की पुष्टि के बाद श्रावक की दूसरी भूमिका व्रत-दीक्षा स्वीकार की जाती है। व्रत-दीक्षा का अर्थ है-असंयम से संयम की ओर प्रस्थान। एक गृहस्थ श्रावक पूरी तरह से संयमी नहीं हो सकता, पर वह असंयम की सीमा कर सकता है। इसी दृष्टि से भगवान महावीर

14 Niyam Sadhna

14 (Chaudah) Niyam Sadhna

चवदह नियम साधना सचित्त प्रतिदिन अनाज, फल, कच्ची सब्जी, कच्चा पानी आदि सचित्त वस्तुओं की सीमा करना। २. द्रव्य- खाने-पीने की वस्तुओं की सीमा (द्रव्यों की संख्या गणना के आधार पर निश्चित करना। ३. विगय  घी, तेल, दूध, दही, गुड़ और मिठाई इन छह विगयों में दैनिक सेवन की सीमा। ४. पन्नी-  जूते, मोजे, चप्पल

Tapsya

Mhari Gori Si Hathelya Me Mehndi Rachi Mhara Marusa

तपस्या गीत मारी गोरी सी हथेलिया में मैहंदी राची ओ मारा मारूसा राची ओ मारा मारूसा, मै हाथ किया जोडूली मै वंदना किया करूली  उपवास करूँ तो मारो जीव घबरावे, बेला करूँ तो मारो जीव घबरावे, तेला री गेरी मन में आवे ओ मारा मारूसा आवे ओ मारा मारूसा मैं हाथ किया जोड़ुली, मैं वंदना

Tapsya

Ek Do Tin Char, Tapsvi Ki Jay Jaykar

1,2,3,4 तपस्वी की जय जयकार ऐसी जय जयकार हर घर में होनी चाहिए। वीर, बीर, बीर महावीर होना चाहिए 5,6,7,8 तपस्वी का ठाठ बाट, ऐसा ठाट बाट हर घर में होना चाहिए, वीर, बीर वीर महावीर होना चाहिए 9,10,11, 12 तपस्या का बजे नगाड़ा  ऐसा नगाड़ा हर घर में बजना चाहिए,  वीर, वीर, वीर, महावीर

Tapsya

Tapsi Ki Darshan De Gayi Re Ek Chotti Si Shasan

(लय- चलत मुसाफिर मोह लिया रे पिंजरे वाली मुनिया ) तपसी को दर्शन दे गयी रे एक छोटी सी शासन -2 तपसी ने पूछा देवी,नाम तेरा क्या है-2    चक्रेश्वरी  नाम बता गयी एक छोटी सी शासन-2  तपसी ने पूछा देवी गांव तेरा क्या है-2  शत्रुंजय नाम बता गयी, एक छोटी शासन   तपसी ने पूछा देवी

Tapsya

Aaj Hamare Man Me Bahut Hi Khushiya Hai

( लय- आज हमारे दिल में अजब ये उलझन है) आज हमारे मन में बहुत ही खुशियां है।  सामने बैठी तपसण, ये स्वागत इनका है। फलां कुल में जन्मी, फलां कुल में पली  फलां कुल में ब्याही, परिवार की ये लाडली हो-2  राज की बात बताएँ, इनका अभिनंदन है।  सामने गर्मी में तपी, तप के

Tapsya

Shasan Ma Se Milne Ka Tapsya Ka Bahana Hai

(तर्ज : बाबूल का ये घर) शासन मां से मिलने को तपस्या का बहाना है ।  ऊँचे-2 पर्वतों पर मेरी माता का ठिकाना है ।। गिरनार में ढूंढा तूझे, तो नेमीनाथ को पाया है।  गुजरात की पहाड़ियों में, मेरी शासन(माता) का ठिकाना है । सुरज में ढूंढा तो चंदा में पाया है ।  तारों के

Guru

Vari Jaau Re Guru Balihaari Jau Re

वारी जाऊं रे गुरु बलिहारी जाऊं रे  मैं वारी जाऊं रे, बलिहारी जाऊं रे मारे सतगुरु आंगड़ आया, मैं वारी जाऊं रे सतगुरु आंगड़ आया, हे गंगा गोमती लाया रे मारी निर्मल हो गयी काया, मैं वारी जाऊं रे… सब सखी मिलकर हालो, केसर तिलक लगावो रे घड़ी हेत सूं लेवो बधाई, मैं वारी जाऊं

Adhyatmik, Kabir, Satsang, Vairagy

Ud Ja Hans Akela

Album Name: Udd Ja Hans Akela Singer: Kumar Vishu Music Director: Anil Sharma. एक डाल दो पंछी बैठा, कौन गुरु कौन चेला । गुरु की करनी गुरु भरेगा, गुरु की करनी गुरु भरेगा । चेला की करनी चेला रे साधु भाई उड़ जा हंस अकेला || माटी चुन चुन महल बनाया, लोग कहे घर मेरा

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