Aayi Aayi Akshay Tritiya

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints.

तर्ज (Tune): मांयन-मांयन मुडेर

भजन के बोल / Lyrics

आई आई अक्षय तृतीया, दिल में खुशियां छाई।
ऋषभ प्रभु ने किया पारणा, मंगल बेला आई।
हो—- ऋषभ देवा
1. त्याग तप की लेकर शक्ति, घुमें बाबा ज्ञानी। 
ऋषभ प्रभु थे मोनी-ध्यानी, वीतराग अनुरागी। तप की साधना से तुमने ज्ञान की ज्योति जलाई।।
2. एक वर्ष तक घूमे बाबा, अन्नजल नहीं है पाया। अंतराय कर्मो के कारण, प्रभु ने कष्ट उठाया। 
पडपोते के आंगन में, आनंद घटा उमडाई।।
3. नाम तुम्हारा तारणहारा, कब प्रभु दर्शन होंगे 
जिसका संदेश इतना सुंदर वो कितने सुंदर होंगे।
 अपने से पहले माता को मुक्ति की राह दिखाई।।
4. जो गाते हैं तेरी महिमा वह सब कुछ है पाते।
 जो ध्याते है ध्यान आपका, सिद्ध वही बन पाते। 
प्रभु तेरी महिमा को देखो-2 देवों ने भी गाई ।। 
ऋषभ प्रभु ने किया पारणा, मंगल बेला आई।।

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