Tapasya (तपस्या)

Guru

Pa Darash Aapke Guruvaram

(लय- अजीब दास्तां है ये) पा दरश आपके गुरुवरम्  महका है गंगा जल सा ये मन  कैसे करें अभिव्यक्ति भावों की  आये है सौभाग्य शाली क्षण । उठतेजपे, चलते जपे गुरु हीशाम भोर है  गुरु बुद्धि, गुरु चित ,गुरु मन विभोर है,  गुरु रात्रि, गुरु दिवस, गुरू स्वपन शयन है  गुरू काल, गुरु कला गुरु […]

Tapsya

Karke Tapsya Tan Ko Tapaya

(कितना बदल गया इन्सान) कर के तपस्या, तन को तपाया, आप हैं बड़े महान,  करें हम सब मिलकर सम्मान,  करें हम सब मिलकर बहुमान । (२) । ① अरे सोना जब है आग में तपता तभी तो वो है कुन्दन बनता। संस्कार गर अच्छा मिलता,  तभी तो सच्चा मार्ग है दिखता।  धर्म की जड़ तो

Bhachya, Tapsya

Anumodna Anumodna

(लय- आ चल के तुझे मैं दिखलाऊं) अनुमोदना, अनुमोदना अनुमोदना बारम्बार।  तपस्या को है, तपसी को है। वंदन है बारम्बार । विषयों से भरा, संसार पूरा आसान नही है यहां।  मन वश मे रहे, कुछ भी न कहे, दुष्कर है ये काम बङा ।।1।। तप जीत गया, मन हार गया। संयम का ये सत्कार। आसान

Guru

Guru Mera Mandir Guru Meri Pooja

गुरु मेरी पूजा गुरुगोबिन्दगुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत  गुरु मेरा मन्दिर गुरु मेरी पूजा, गुरु मेरा पारब्रह्म  और न दूजा गुरु मेरा दाता भाग्य विधाता-२, विधाता  हर सुख साधन का गुरु ही प्रदाता  गुरु मेरी नैया गुरु ही खेवेया – 2  गुरु मेरी मंजिल गुरु मेरी छैया  गुरु ही ही किनारा, गुरु ही सहारा-2  गुरु

Deeksha, Jain Bhajan

Ubha O Vairagan

तर्ज: तेजा ….. ऊभा ओ वैरागण ऊभा ओ वैरागण, दादोसा री पोल ओ वैरागण। कोई लिख यो दादोसा, वैरागण बाई न आगन्याजी राज ।। ध्रुव ।। आगन्या वैरागण, लिखी ए न जाय, ओ वैरागण। कोई छाती छलीजे, हिवड़ो होलरै जी राज ।।१।। छाती दादोसा, काठी कर राख ओ दादोसा। कोई हिवड़ों छलास्यां महारासा रे, ज्ञान

Bhachya, Tapsya

Guru Vanan Ghani Khhad (Bhanchya)

गुरु वानणरी गुरू.  वानणरी.   घणी रे.     खाड़, म्हें.  तो     शहर.   सतरंज  में जायस्यांजी,  माता मोरादेवी रा नन्द, म्हें तो आदिनाथ स्वामी न बांधस्याजी.  पोलीड़ा रे पोल उगाड़, म्हें तो घणा रे उमाय आयीयाजी. आंवतंड़ा घणा बूठा छ मेंव, हरिया लोए सावनओलरोजी, ओलरियां घणा बरसा छ मेंव,म्हारै मोतीड़ालड़लांगीयाजी  ॥१॥ गुरु बानणरी घणी रे खाड़,

Bhachya, Tapsya

Motya Ra Lamak Jhumka (Bhanchya)

मोत्यांरा लामक-झुमका मोत्यां रा ए लामक- झुमका, मखतुल्यांरी बनरवाल सुखी ए आज दिन रलियामणा। बंधाओ मोरां देजी, रे ओबरै, जिण जाया छै आदिनाथ देव, सुखी ए, आज दिन रलियामणा। आदिनाथ स्वामी रो जन्म भलो हुयो, म्हारे आद हलावण देव सुखी ए, आज दिन रलियामणा।।१।। मोत्यां रा ए लामक – झुमका, मखतुल्यांरी बनरवाल सुखी ए आज

Bhachya, Tapsya

Mhare Bala Ri Byawan Jyot, (Bhanchya)

म्हारे बाला री ब्याहण ज्योत म्हारे बाला री ब्याहण जोत, प्रभात्यो तारो उगियो। तारो उग्यो मोरादेजी री कुख, जटै आदिनाथ स्वामी जन्मिया,  आदिनाथ स्वामी मोटा छै देव, म्हारे आद हलावण देवता जी।।१।। म्हारा बाला री व्याहण जोत, प्रभात्यो तारो उगियो। तारो उग्यो अचिरादेजी री कूख, जठै शांतिनाथ स्वामी जन्मिया, शांतिनाथ स्वामी मोटा छे देव, म्हारे

Bhachya, Tapsya

Diwalo (Bhanchya)

दींवलो पाछलडै पहर री जी रात, घर जोई ए लक्ष्मी दीवलो जी। दीवलो म्हारो एड्यां-मेड्यां टांग जठै आदिनाथ जन्मिया जी। आदिनाथ स्वामी मोटा छै देव, म्हारे आद हलाईया जी ।।१।। पाछलडै पहररीजी रात, घर जोई ए लक्ष्मी दीवलो जी। दीवलो म्हारो एड्यां-मेड्यां टांग जटै शान्तिनाथ जन्मियाजी। शांतिनाथ स्वामी मोटा छै देव, म्हारै रोग मिटाईयाजी। शांतिनाथ

Bhachya, Tapsya

Jhalar Ro Jhanko. (Bhanchya)

झालर रो झणको झालर रो झणको, कांसी रो ठणको म्हैं सुण्यो, आ तो शहर सतरंजै रै मांय, के झालर बाजै जी। सतरंजै में आदिनाथ जनमिया, औ तो माता मोरां देवी रा नन्दजी, झालर बाजै जी। झालर रो झणको, कांसी रो ठणको म्हैं सुण्यो, आ तो शहर गिरनारां रै मांय, के झालर बाजै जी। गिरनारां में

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