Pa Darash Aapke Guruvaram
(लय- अजीब दास्तां है ये) पा दरश आपके गुरुवरम् महका है गंगा जल सा ये मन कैसे करें अभिव्यक्ति भावों की आये है सौभाग्य शाली क्षण । उठतेजपे, चलते जपे गुरु हीशाम भोर है गुरु बुद्धि, गुरु चित ,गुरु मन विभोर है, गुरु रात्रि, गुरु दिवस, गुरू स्वपन शयन है गुरू काल, गुरु कला गुरु […]