In Re Pipaladi Ra Nav Das Dala (Bhanchya)
इण रे पिपलड़ी रा नवं दस डाला, आदिनाथ बस्यां स्वामी पोल चिनावी, उठो माता मोरादेवी थारो सफल निहारो आंगन दोनी केसर रो जी छांटो, रिमझिम केसर की लहरांजी आयें, जठै स्वामी आदिनाथ आद हलावे ।।१।। इण रे पिपलडी रा नव दस डाला, नेमीनाथ बस्या स्वामीपोल चिणावो, उठो माता सेवादे थांरो सफल निहारो, आंगन दोनी किस्तुरी […]