Wedding (विवाह)

Bhachya

Chunadi

चूनड़ी १. आ चूनडी मोरां देवी ने सोहै-२ नाभि राजा घर नार, बंधारा चूनड़ी रंग राती जी। शील सुरंगी बांध, बंधारा चूनड़ी रंग राती जी, दया धर्म री बांध, बंधारा चूनड़ी रंग राती जी। नान्ही-२ बूंद बांध बंधारा, चूनड़ी रंग राती जी।। २. आ चूनड़ी शिवा देवी नै सोहै-२ समुद्र विजय घर नार, बंधारा चूनड़ी […]

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Pahala Bandiji Jinaji

बोल्या छै मोर . पहला बांदुजी जिणजी ऋषभनाथ देव, दुजा अजितनाथ चौदस् अगणा वांदुजी जिणजी संभवनाथ देव, चौथा अभिनन्दन बांदस्यु। पांचवा वांदुजी जिणजी सुमतिनाथ देव, छठ पदम प्रभु वॉदस्यां सातवां वांदुजी जिणजी सुपार्श्वनाथ देव, आठवां चंदा प्रभु बांदस्यां वांदत-वांदत ए सखी म्हारी, बोल्या छ मोर-२, लाल झरोखां बोली कोयली धीरत बिना ऐ सखी म्हारी लुखो

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Chandan Bhariyo Kupalo

चन्दन भरिया कुंपला सखी अगड़ चंदन रा भरिया कुंपलाजी, सखी केशर मोत्यां भरणी सीक, बधावो जी बाजत म्हे सुण्योजी, सखी बाजे बाजे नाभि राजा री पोळ, जठै मोर्चों मंडायीयोजी। सखी धन्य धन्य मोरादेवी री कूख, जठै आदिनाथ स्वामी जन्मीयाजी सखी आदिनाथ स्वामी मोटा छ देव, म्हारै आद हिलावण देवताजी ।। १।। सखी बाजे-बाजे समुद्रविजयजी री

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Mha Syu Munde Bol (Aadlnath)

म्हां स्यूं मूंढे बोल (तर्ज : पन्नजी मुंढे बोल ) म्हां स्यूं मूंढे बोल, बोल बोल आदिश्वर बाला कांई थांरी मरजी रे, म्हां स्यूं मूंढे बोल….  मोरां देवी बाट जोवता इतने बधाई आई रे आज ऋषभ उतस्या बाग में सुण हरषाई रे।। १।। न्हाय धोय ने गज असवारी, कर मोरां देवी माता रे जाय बाग

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Nayi Choubisi &. Tap Re Jhule Jhulya Anand Aavere

नई चौबीसी नई चौबीसी, हो…. नई चौबीसी रो अर्थ बताओ म्हांनै, नई चौबीसी ।। चमक-चमक म्हारासा रो पाटो चमकै २. पाटे ऊपर बैठ्या गुरुदेव दीपे || १|| चमक-चमक म्हारासा रो ओघो चमकै. काम्यां ऊपर ऊन सतियां जी बन्टे ।। २॥ चमक-चमक म्हारासा री मुखपत्ति चमकै, मुखपत्ति रो डोरो श्रावक निरखै ।। ३।। चमक-चमक म्हारासा रो

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Nemisar Gignarya Ra Vasi (Moti)

मोती नेमिनाथ गिगनारां रा वासी तो, मोती दयो महाराणी जी….२। कोरी कोरी कुल्हाड़ी में दही रे जमायो तो, गोडे बैठ जीमायो जी….२। कोई रे करूं धारै कुल्हड़ी रो दही तो, गोडे पर तो न बैठां जी….२। बागो तो केसरिया सियांयो तो, टोपी लाल गुलाबी जी….२। कोई रे करूं थारो केसरिया बागो तो, टोपी भी नहीं

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Jhalar,palkadi

झालर झालर रो झणको, कांसी रो ठणको म्हैं सुण्यो, आ तो शहर सतरंजै रै मांय, के झालर बाजै जी। सतरंजै में आदिनाथ जनमिया, जै तो माता मोरां देवी रा नन्दजी, झालर बाजै जी। झालर रो झणको, कांसी रो ठणको म्हें सुण्यो, आ तो शहर गिरनारां रै मांय, के झालर बाजे जी। गिरनारां में नेमीनाथ जनमिया,

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Pipaladi, Mehandi

पींपळड़ी १. इण रे पीपकड़ी रा नव दस डाळा, आदिनाथ बैठया स्वामी पोल चिणावो, उठो माता मोरादे थारो सफळ निवारों, आंगण दयो भी केसर रो जी छांटो, रिमझिम कैसर री लहरांजी आवै, जठे स्वामी आदिनाथ आद हलावे। इन रे पीपलड़ी रा नव दस डाला, नेमीनाथ बैठया स्वामी पोळ चिणायो, उठो माता शिवादे थांरी सफळ निवारो,

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Uncha Uncha A Sakhi Strange Ra Maliya

माळिया ऊंचा-ऊंचा ए सखी सतरंजै रा मालिया, सतरंजे में आदिनाथ बिराजै ए सखी, गुरु वांदण नै चालां। चालां तो चंवर डुलै, बोलां तो पदम अड़े, पैरां तो सोनै री बेल, जीमां तो चावळ-दाळ, चाबां तो नागर-पान, चालो ए सखी, गुरु वांदण नै चालां ।। १।। ऊंचा-ऊंचा ए सखी गिरनारां रा माळिया, गिरनारा में नेमिनाथ बिराजै

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Uncha Uncha Lota

ऊंचा-ऊंचा ओटा, गिरनार वाळा कोठा ऊंचा-ऊंचा ओटा, गिरनार वाळा कोटा, राय दुलेचै सिंघ रो वैसणो जी। सिंहासन बैठ्या माता मोरदि जी बोल्या, ज्यां कूख आदिनाथ जनमिया जी, आदिनाच जनम्या भलो दिन पायो, रूड़ो दिन पायो, ज्यां स्वामी आद हिलाइया जी। घड़ी रे घड़ी में घड़ियावळ बाजै, पहर-पहर देवै आरतो जी। ऊंचा-ऊंचा ओटा, गिरनार वाळा कोटा,

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