Jhirmir Jhirmir Mevaj Barase
भाचा झिरमिर झिरमिर-झिरमिर मेवज बरसे ओ, परनाळ्यां पाणी पड़े जी। १. उत्तर-दिखण स्यूं दोय मुनीसर आया ओ, आय उत रिया हरिये बड़ तलेजी । बूझत-बूझत नगर ढंढोर्यो ओ शासन देवत माता रो घर किस्यो । २. ऊंची सी मेडी ओ अजब झरोखो ओ. केळ झबरको माता रे बारण जी। अब म्हारा सासूजी साधां रै पधारया […]