Wedding (विवाह)

Bhachya

Jhirmir Jhirmir Mevaj Barase

भाचा झिरमिर झिरमिर-झिरमिर मेवज बरसे ओ, परनाळ्यां पाणी पड़े जी। १. उत्तर-दिखण स्यूं दोय मुनीसर आया ओ, आय उत रिया हरिये बड़ तलेजी । बूझत-बूझत नगर ढंढोर्यो ओ शासन देवत माता रो घर किस्यो । २. ऊंची सी मेडी ओ अजब झरोखो ओ. केळ झबरको माता रे बारण जी।  अब म्हारा सासूजी साधां रै पधारया […]

Bhachya, Tapasya Geet

Tap Ki Mahima Anupam Jag Me

तप की महिमा अनुपम जग में  (तर्ज – दिल लुंटने वाले जादूगर…. ) रचयिता : साध्वी अणिमाश्री तप की महिमा अनुपम जग में, सब तप का गौरव गाते हैं। तप की नौका में बैठ सभी, इस भव-जल को तर जाते हैं। है तेज भरा तप में अद्भुत, तप जीवन को चमकाता है । कर्मों का

Bhachya, Tapasya Geet

Tap Ro That Lagao

तप रो ठाट लगाओ सावण में (तर्ज – बादलियो आंखड़ल्या में.) रचयिता : साध्वी अणिमाश्री तपस्या रो मौसम आयो, हां मौसम आयो । रंग नयो ओ ल्यायो है, जन-जन में । तपस्या करणी है अब तो कमरां कसल्यो, कमरां कसल्यो । जोश घणो उमड़ायो है जन-जन में ।। जनम जनम रा पातक सारा, तपस्या स्यूं

Bhachya, Tapasya Geet

Tap Ri Ganga Me Jo Nhave

तप री गंगा में (तर्ज – धरती धोरां री….) रचयिता : मुनिश्री दिनेश कुमार तप री गंगा में – ३ तप री गंगा में जो न्हावे, कचरो करमां रो बह ज्यावे, आत्मा उज्जवलतम बण ज्यावे, तप री गंगा में……. १. तपस्या जीवन ने चमकावे, तप स्यूं भूत-प्रेत भग जावे, तपसी तप री अलख जगावे, तप

Bhachya, Tapsya Geet

Aasro Shasan Devi Tharo

आसरो शासन देवी थारो ( तर्ज : कोई जब राह न पाये….) आसरो शासन देवी थारो, थे कष्ट निवारो, पधारो म्हारै आंगणियै पधारो, अठाई की करै तपस्या ।। घर-घर में सज्यो है दरबार, तपसी नै साता री दातार, थाने जो ध्यावै करो थे बेड़ा पार-२, म्हानै थे दीज्यो जी बल थारो ।। २. बाई थे

Bana Bani

Ghodi

बना थारी घोड़ी है न्यारी, देखन म लागे प्यारी कीमत चाहे लागे हजारी-२  बन्नाअलबेली घोड़ी थारी हजारी जयपुर शहर स्यू आ घोड़ी मंगाई, मखमलू री गद्दी उपर बिछायी  सोने चांदी  का  गहना पहनाकर पहनाकर  घोड़ी घो खूब सजायी सवारी  बन्ने राजा बेठोनी सवारी -२: बना द अलवेली घोड़ी थारी **  आगे चाले बना घोड़ी थारी

Bana Bani

1. Tara Ri Chunadi 2. Kajal 3. Nagin

1,तारां री चुन्दड़ी नवल बना जयपुर जाज्यो जी बालक बना जयपुर जाज्यो जी आतां तो ल्याज्यो तारा री चूनड़ी आता तो ल्याज्यो जाली री चुन्दड़ी नवल बनी कुणासार देखी ओ बालक बनी २ कुणासा ल्याया जाली री चून्दडी २ नवल बना भाभीसा र देखी ओ चतर बना भाभी सा र देखी ओ जेठ सा ल्याया

Bana Bani

1. Jhini Jhini Ud Re Gulal 2. Sir Pe Topi Lal Hath Me

*** 1 (तर्ज – होलीया म उड़रे …) झीणी झीणी उड रे गुलाल, बन्ने को पेचो भीज है अरे आंगनीय में उड रे गुलाल, बन्नी की चूनड़ भीज है म्हारी बन्नी देखो नखरे वाली २ शौकिन बहुत रे नवाब, कि गयो रे परणीजण ने … म्हारी बन्नी के झुमर सोहे – २ बन्ने रे सोवे

Bana Bani

Mehandi Rachani& Bani Tera Bana Diwan’a 2 GEET

(तर्ज- तालरीया मगरीया रे)1 सुणो प्यारा बनासा ओ, बनड़ी बुलाव थान आज  बेगा पधारो म्हार देश, देर क्यूं लगाई ओ २  शीश बनी के टीका लाना, टीके में प्यारे बना नगीना लगाना  कान बनी के कुण्डल लाना, कुण्डल में प्यारे बना हीरा लगाना  टीका लेकर जल्दी आना, कुण्डल लेकर जल्दी आना बनड़ी उडीक थान आज,

Bana Bani

Aane Se Uske Aaye Bahar & Bana Bani Ki Jodi

(लय- आने से उसके आये बहार ) आने से उसके आये बहार, जाने से उसके जाये बहार बडी मस्तानी है मेरी प्यारी बनी, बनी पे दिवाना है मेरे  प्यारे बना ।  झुम उठेगा आंगण, जब आयेंगे बनी के बना बाजेगी शहनाइयां और बर्षेगी फूलों की माला  सच पूछो कौन है वो, दिल्ली के राजा है. 

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