Varshitap Ki Mahima Ko Gaye
(लय-फिरकी वाली तू) वर्षीतप की महिमा को गाये, खुद तपमय बन जायें, तप साधना का द्वार हैं तप से पल-पल घटता आत्मा का भार है। वर्षीतप की महिमा को गाये – 1. आत्मशुद्धि का सच्चा साथी मन का मैल मिटाता है, तप में तप कर स्वर्ण स्वयं की आभा को बतलाता है, तप प्रकाश है-2 […]