Wedding (विवाह)

Beta, Beti, Mata Ji, Pita

Beti

घर की सब चहल पहल है बेटी ।  जीवन में खिला कमल है बेटी !! कभी फागुनी धूप सुहानी कभी चाँदशीतल है बैटी  शिक्षा गुण संस्कार रोप दो फिर बेटो सी सबल है बेटी, दो सहारा  गर विश्वासका तो पावन गंगाजल है बेटी प्रकृति के सद्‌गुण को सीचो तो निर्मल निश्चल है बेटी   क्यों डरते […]

Bhachya, Tapsya

Anumodna Anumodna

(लय- आ चल के तुझे मैं दिखलाऊं) अनुमोदना, अनुमोदना अनुमोदना बारम्बार।  तपस्या को है, तपसी को है। वंदन है बारम्बार । विषयों से भरा, संसार पूरा आसान नही है यहां।  मन वश मे रहे, कुछ भी न कहे, दुष्कर है ये काम बङा ।।1।। तप जीत गया, मन हार गया। संयम का ये सत्कार। आसान

Beti, Janm Din

Chhan Chhan Karti Nanhi Pari Jab Doudi Doudi Aati Hai -Swasti Mehul

छन छन करती नन्ही परी जब दौड़ी दौड़ी आती है।  खिल जाता है परिवार जब बेटियां मुस्काती है।  चंदा से प्यारी गुडिया, लक्ष्मी मेरे घर आंगन की,  जगमग करती मेरी दुनिया, रौनक यह हर सावन की।  ओ बेटियां रानी मेरी, तूं ही मेरा सम्मान है।  ओ बेटियां रानी मेरी, तूं ही मेरा सम्मान है। बेटी

Beti, Janm Din

Lado Meri Tujhme Hi Jan Basi Re

मासूम सी गुड़िया मेरी, सबकी है तू  (तर्ज, पालकी में होके सवार चली रे) मासूम सी गुड़िया मेरी, सबकी है तू धड़कन।  सुन सुन सुन। जान से भी प्यारी है तेरी हंसी रे,  लाडो मेरी तुझ में ही जान बसी रे।  जान से भी प्यारी है तेरी हंसी रे,  लाडो मेरी तुझ में ही जान

Bhachya, Tapsya

Guru Vanan Ghani Khhad (Bhanchya)

गुरु वानणरी गुरू.  वानणरी.   घणी रे.     खाड़, म्हें.  तो     शहर.   सतरंज  में जायस्यांजी,  माता मोरादेवी रा नन्द, म्हें तो आदिनाथ स्वामी न बांधस्याजी.  पोलीड़ा रे पोल उगाड़, म्हें तो घणा रे उमाय आयीयाजी. आंवतंड़ा घणा बूठा छ मेंव, हरिया लोए सावनओलरोजी, ओलरियां घणा बरसा छ मेंव,म्हारै मोतीड़ालड़लांगीयाजी  ॥१॥ गुरु बानणरी घणी रे खाड़,

Bhachya, Tapsya

Motya Ra Lamak Jhumka (Bhanchya)

मोत्यांरा लामक-झुमका मोत्यां रा ए लामक- झुमका, मखतुल्यांरी बनरवाल सुखी ए आज दिन रलियामणा। बंधाओ मोरां देजी, रे ओबरै, जिण जाया छै आदिनाथ देव, सुखी ए, आज दिन रलियामणा। आदिनाथ स्वामी रो जन्म भलो हुयो, म्हारे आद हलावण देव सुखी ए, आज दिन रलियामणा।।१।। मोत्यां रा ए लामक – झुमका, मखतुल्यांरी बनरवाल सुखी ए आज

Bhachya, Tapsya

Mhare Bala Ri Byawan Jyot, (Bhanchya)

म्हारे बाला री ब्याहण ज्योत म्हारे बाला री ब्याहण जोत, प्रभात्यो तारो उगियो। तारो उग्यो मोरादेजी री कुख, जटै आदिनाथ स्वामी जन्मिया,  आदिनाथ स्वामी मोटा छै देव, म्हारे आद हलावण देवता जी।।१।। म्हारा बाला री व्याहण जोत, प्रभात्यो तारो उगियो। तारो उग्यो अचिरादेजी री कूख, जठै शांतिनाथ स्वामी जन्मिया, शांतिनाथ स्वामी मोटा छे देव, म्हारे

Bhachya, Tapsya

Diwalo (Bhanchya)

दींवलो पाछलडै पहर री जी रात, घर जोई ए लक्ष्मी दीवलो जी। दीवलो म्हारो एड्यां-मेड्यां टांग जठै आदिनाथ जन्मिया जी। आदिनाथ स्वामी मोटा छै देव, म्हारे आद हलाईया जी ।।१।। पाछलडै पहररीजी रात, घर जोई ए लक्ष्मी दीवलो जी। दीवलो म्हारो एड्यां-मेड्यां टांग जटै शान्तिनाथ जन्मियाजी। शांतिनाथ स्वामी मोटा छै देव, म्हारै रोग मिटाईयाजी। शांतिनाथ

Bhachya, Tapsya

Jhalar Ro Jhanko. (Bhanchya)

झालर रो झणको झालर रो झणको, कांसी रो ठणको म्हैं सुण्यो, आ तो शहर सतरंजै रै मांय, के झालर बाजै जी। सतरंजै में आदिनाथ जनमिया, औ तो माता मोरां देवी रा नन्दजी, झालर बाजै जी। झालर रो झणको, कांसी रो ठणको म्हैं सुण्यो, आ तो शहर गिरनारां रै मांय, के झालर बाजै जी। गिरनारां में

Bhachya, Tapsya

In Re Pipaladi Ra Nav Das Dala (Bhanchya)

 इण रे पिपलड़ी रा नवं दस डाला,  आदिनाथ बस्यां स्वामी पोल चिनावी,  उठो माता मोरादेवी थारो सफल निहारो आंगन दोनी केसर रो जी छांटो,  रिमझिम केसर की लहरांजी आयें,  जठै स्वामी आदिनाथ आद हलावे ।।१।।  इण रे पिपलडी रा नव दस डाला,  नेमीनाथ बस्या स्वामीपोल चिणावो,  उठो माता सेवादे थांरो सफल निहारो,  आंगन दोनी किस्तुरी

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