यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
चौक पुराओ माटी रंगाओ,
आज मेरे पिया घर आये,
चौक पुराओ माटी रंगाओ,
आज मेरे पिया घर आये,
खबर सुनाऊ जो ख़ुशी रे बताऊ जो,
आज मेरे पिया घर आये,
ऐ री सखी मंगल गाओ री धरती अम्बर सजाओ री,
उतरेगी आज मेरे पी की सवारी,
आ री कोई काजल लाओ री मोहे काला टीका लगाओ री,
उनकी चभ से दीखू मैं तो प्यारी,
लक्ष्मी जी वारो नजर उतारो आज मेरे पिया घर आये,
रंगो से रंग मिले नये नये ढंग खिले,
खुशियां आज द्वार मेरे डाले है डेरा,
पीहू पीहू पपीहा रटे,
कुह कुह कोयल जपे,
आंगन आंगन है परियो ने गेरा,
अनहद नाद भजाओ रे सब मिल,
आज मेरे पिया घर आये,
अनहद नाद भजाओ रे सब