यह हिंदू देवी-देवताओं का भजन है जो पूजा, आरती और भक्ति कार्यक्रमों में गाया जा सकता है। A Hindu devotional bhajan for puja and aarti.
एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी-2 ,
गिरिधरआवो तो सरि -मोहन आवो तो सरि,
गिरिधर आओ तो सरि
माधव र मन्दिर में मीराबाई एकली खड़ी
थे कहवो तो सांवरा में, मोर मुकुट बन जाऊ
पेहरण लागे सांवरो रे, मस्तक पर रम जाऊ जी
थे कहवो तो सांवरा में काजलियो बन जाऊजी
नैन लगावे सावरों रे नैना म रम जाऊं जी
थै कहवो तो सांवरा में जल जमुना बन जाऊ जी
नावण लागे सांवरो रे, अंग अंग रम जाऊं
थे कहवो तो सावरा म्हे पग पायल बण जाऊं जी
नाचण लागे सांवरो रे, चरणा में रम जाऊं जी -2गिरिधरआवोतो सरि -मोहन आवो तो सरि,
माधव र मन्दिर में मीराबाई एकली खड़ी