यह हिंदू देवी-देवताओं का भजन है जो पूजा, आरती और भक्ति कार्यक्रमों में गाया जा सकता है। A Hindu devotional bhajan for puja and aarti.
तर्ज (Tune): बाबुल की दुआयें लेती जा….
भजन के बोल / Lyrics
कभी फुरसत हो तो जगदम्बे, निर्धन के धर भी आ जाना, जो रूखा सुखा दिया हमें, माँ उसका भोग लगा जाना।।
ना छत्र बना सका सोने का, ना चुनड़ी घर में तारों जड़ी, ना पेड़े बर्फी मेवा है माँ, बस श्रद्धा है नैन बिछायै खड़ी, इस श्रद्धा की रख लो लाज हे ! माँ, इस अर्जी को ना ठुकरा जाना।।
कभी………. ||1||
मेरे घर के दिये में तेल नहीं, तेरी ज्योत जलाऊं मैं कैसे, मेरा खुद ही बिछौना धरती पर, तेरी चोकी सजाऊं मै कैसे, जहां मै बैठा वही बैठ के माँ, बच्चों का दिल बहला जाना।।
कभी. 11211
तूं भाग्य बनाने वाली माँ, और मैं तकदीर का मारा हुँ, हे! दाती सम्भालो भक्तों को, आखिर तेरी आँख का तारा हूँ, मै दोषी हूँ निर्दोष है माँ, मेरे दोषों को तूं भूला जाना ।।
कभी. 11311