यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
Bhajan
मेरे भगवन करो विश्राम
भगवन करो विश्राम के सत्संग पूरा हुआ
रणथंभोर को गणपति चले हैं रिद्धि सिद्धि के साथ के सत्संग पूरा हुआ
ब्रह्म लोक को ब्रह्माजी चले हैं माता ब्रह्माणी के साथ के सत्संग पूरा हुआ
कैलाश पर्वत को भोले चले हैं गौरा मैया के साथ के सत्संगपूरा हुआ
बैकुंठ लोक को विष्णु चले हैं लक्ष्मी मैया के साथ के सत्संग पूरा हुआ
अवधपुरी को राम चले हैं सीता मैया के साथ के सत्संग पूरा हुआ
द्वारकापुरी को कृष्ण चले हैं
राधा रूक्मणी के साथ के सत्संग पूरा हुआ
मेंहदीपुर को बालाजी चले हैं अंजनी माता के साथ के
सत्संग पूरा हुआ
ऊंचे पहाड़ों पे मैया चली है
शेर पे होके सवार के सत्संग पूरा हुआ
अपने घर को भक्त चले हैं लेकर आशीर्वाद के सत्संग पूरा हुआ