यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints.
– सांवरिये रो नाम.
तर्ज (Tune): इक परदेसी.
भजन के बोल / Lyrics
रात री अन्धेरी में जो जाप करैला । सांवरिये रो नाम लियां काम सरैला ।।
१. साचै मन स्यूं नाम लियां, जोश घणो जागै है,
डरनै रो काम कांई, बोलतां भय भागै है । ।।
श्रद्धा री नाव आपो आपतरैला
२. सपनो साकार हुयो, सिंह बणगूंज्यो
वेरी विरोधी दोनूं, संत जियां पूज्यो
आपरो आधार ही तो कष्ट हरैला ।।
३. पाली रो बाजार खाली, बोलो कियां मानल्यां,
भक्तां रो वास नहीं, बोलो कियां जाणल्यां ।
सन्तां रो अपमान करया पाप भरैला ।।
, ४. कष्टां रा पहाड़ झेल्या, बणकर हाथी
भारीमाल खेतसी सा, मिलग्या हा साथी ।
होसी कल्याण साचो ध्यान धरैला ।।
५. राखो विश्वास करसी, पार थांनै सांवरियो,
अन्तिम प्रवास ठायो, सिरियारी में सांवरियो ।
तेरस रो त्यौहार मन में, जोश भरैला ।।
रचयिता : साध्वी राजीमतीजी