यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana.
महाश्रमण स्तुति
श्री महाश्रमण चरणों मे
तर्ज (Tune): प्रभु पार्श्व देव चरणों में
भजन के बोल / Lyrics
श्री महाश्रमण चरणों में, श्रद्धा उपहार है।
जिनके मुख दर्शन से ही होता उद्धार है।।
1. है सहज शांति की मूरत, मुख पर मुस्कान है।
शब्दों से अधिक भावों को, देते आकार है।।
2. बाहर में जी कर करते, आत्मा में वास है।
निश्चय पर दृष्टि टिका कर, करते व्यवहार है।।
3. है सहनशीलता अनुपम, समदृष्टि सदा रखते।
नयनों में सदा झलकती, करुणा रसधार है।।
4. है सहज सत्य अन्वेषी, आग्रह से दूर है।
अपने निश्चय पर अविचल, आस्था अविकार है।।
5. तेरापथ इनसे शोभित, शोभा यह पंथ की।
मणि कांचन का संयोजन, सचमुच सुखकार है।।