(लय – तुझ में दिल बसता है यारा मै क्या करूं)
विदाई गीत
सूना है आंगन और सूना ये मन
गुरुवर ना जाओ यही कहती है धड़कन
१तुम छोड़ के जाओगे हम सबको रुलाओगे
यादों के मीठे पल हरदम याद आयेगे
प्यारी गुरुवाणी है बड़ी ही सुहानी है
आज है विदाई गुरूवर आंसू की निशानी है
सूना है आंगन और और सूना है मन
२ गुरु बर के बिन कोई भी ज्ञान कंहा पाये
ज्ञान का अमृत देने तुम खुद ही चले आये
प्रेम का धागा ऐसा बांधा अब तोड़ा ना जाये
चौमासा हुआ पावन गूंजेगी तव वाणी
प्रेरक पवित्र शीतल सुखदायी कल्याणी
आज है विदाई गुरूवर आंसू की निशानी है