Tap Ko Shat Shat Vandan

यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations.

तर्ज (Tune): संयममय जीवन

भजन के बोल / Lyrics

तप को शत शत वंदन वर्षीतप का तप कर तुमने तोड़े कर्मों के बंधन ।
तप को शत् शत वंदन…
दिन में दिख रहे है तारे, तप का काम करारा, 
महावीर के तप के आगे, यक्षदेव भी हारा, 
धन्ना शालिभद्र की तपस्या मानो शीतल चन्दन ।।
तप को शत-शत वंदन
तप से तन का शोधन होता, मन का मैल निकलता, 
जन्म जन्म का पाप ताप सब एक साथ में जलता, 
तपसी के पावन चरणों का होता सुखमय स्पर्शन।।
तप को शत-शत वंदन
वर्षीतप का रंग खिला है देखो इस परिकर में,
 सभी धर्म के शास्त्र देख लो तप की इस ङगर में, 
तपसी के जीवन में खिलता जैसे उपवन नंदन।।
तप को शत- शत वंदन सब मिल मंगल गावांला आंगन में।
गुरुवर री प्रेरणा स्यूं, वर्षीतप रो रंग निरालो है, बारी-बारी पीकर देखो, ओ अमृत रस रो प्यालो है। जनमां रा पाप कट जावैला क्षण – क्षण में।। सब मिल मंगल गावांला आंगन में।

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