AAO BIROSA THANE MOTYA SU BADHAVA
आओ बीरोसा थाने मोत्या सु बधावा -२
वीर बधावा म्हे तो हरसावा जी म्हे तो मुलकावा
महार बीरे न बधावा, आओ बीरोसा———
बीरा आया भावज आया और भतीजा साथ जी -२
नेह ड ले री चुनड़ म्हारे बीरोसा र हाथ जी-२
हो बीरा चुनड़ न चारु कुंटा चिमकावा -२ हो सरसावा महार बीर न बधावा
निरखे महारे बीरोसा ंन सासरीय रा जणा-जणा -२
जायो मायड़ पूत सपूतो लोग सरावे घणा- घणा
हो बीरा मायड़ रा सपूत रा म्हे जस गावा -२ बलिहारी जावा, म्हार बिर न बधावा —- महार घर म आज सुरंगो ,खुशियाँ रो मेलो लाग्यो
आया सारा साजन सनेई सोने रो सूरज उग्यो -२
ओ बीरा, हिल मिल सब मंगल गावा-२ में तो ना चा गावा म्हार बीर न बधावा —- ,