म्हाने अबके बचाले म्हारी माय
म्हाने अबके बचाले म्हारी माय बटाऊ आयो लेवण ने, औम्हाने—–
① आठ कोठडी नव दरवाजा इण मन्दिर रे माय, लुकती छिपती मै फिरु-2 लुकती न छोड़े वेरी नाही ,बटाऊ आयो लेवण ने —-
② हाथ जोड़ कन्या कह रे सुणो मायड म्हारी बात -2—. अबकी बटाऊ ने पाच्छो करें दे-2 फिर चालुली विण रे साथ ,बटाऊ आयो लेवणने
③ सावण रा सत रह गया आयी तीज प्रभात – 2 रमण खेलण री मन में रहगई-2 छोड्यो सहेलिया से साथ बटाऊ आयो लेवन ने,
④ माता पिता और कुटुम कबीलो फेरियो सिर परहाथ-2 ,अरे पान्च भाया री बहन लाडली कोई नी चाल्यो उन रे साथ, बटाऊ आयो लेवणने म्हाने अबके बचा ले म्हारी माय—–