आज मैय्या घर आयी
(तर्ज : आज हमारे मन…….)
आज मैय्या घर आयी, बड़ा ही शुभ दिन है,
सामने बैठी मैय्या, हो रहा कीर्तन है,
आयी माँ, आयी, आयी आयी माँ ।।
कानों की बालियां, चाँद सूरज लगें,
गोटे की साड़ी, माँ को प्यारी लगै,
लाल चुनडियां ओढ़े – 2, कर रही रम झम है,
सामने बैठी
माथे की बिन्दिया, मोती जैसी लगें,
फूलों का गजरा, हीरों जेसा लगै, हा
थों में पहने कंगना 2, चमकता अंग अंग है, सामने बैठी
हाथों में माँ के, मेंहदी लाल रचे,
सोने का छत्तर, सिर पे खूब सजे,
पांवों में पहने पायल – 2, पायल की रूण झुण है, सामने बैठी ..