बड़ी दूर से चलकर मैय्या
तर्ज : ऐ मेरे वतन के
बड़ी दूर से चलकर मैय्या, तेरे दर्शन करने आये, आ जाओ मेरी जग माता, तुझे भजन सुनाने आये ।।
तेरा होता जब जब कीर्तन, माँ भीड़ लगे है भारी, तेरा दर्शन करने मैय्या, आती है दुनियां सारी, अब दर्शन दे दो मैय्या, मेरी हिम्मत टूटी जाये ।। 1 ।।
उस बाग के फूल खिले हम, जिस बाग की तुम माली हो, वो ही गुलशन रहे महकता, जिसकी तुम रखवाली हो, तेरी भक्ति की मैय्या, हम सब पे महक लुटायें ।। 2 ।।
जब जब नवरात्रे आये, मन झूम-झूम कर गायें, कोई धन से करता सेवा, कोई तन मन तुझ पे लुटाये, हम तो अपने भजनों से, तेरी पावन महिमा गायें ।। 3 ।।