मुझे प्यार करने
(तर्ज : कभी राम बन के…..)
मुझे प्यार करने, माँ दुलार करने, चली आना, मैय्याजी, चली आना ।।
मेरा कौन है सिवा तुम्हारे, तेरा बेटा माँ रो रो पुकारे, मेरी लाज रखने, सिर पे हाथ धरने, चली
माँ बेटा का रिश्ता है प्यारा, आ के देना माँ मुझ को सहारा, आंचल छांव करने, शीतल आज करने, चली
मुझे जब जब भी कोई सताये, तब आकर के तँ ही बचाये, भूलें माफ करने, मन को साफ करने, चली
गम के सायों से मै डर रहा हूँ, “भक्त” विनती यही कर रहा हूँ, तेरा नाम रखने, मेरा मान रखने, चली