किसने रचायी मेंहदी हाथों में
(तर्ज : चूड़ी जो खनके हाथों में………)
किसने रचायी मेंहदी हाथों में तेरा किसने किया है श्रृंगार, दरबार प्यारा प्यारा लागै ।।
हाथों में है लाल चुड़ा, रंग बिरंगी रोली है, लाल चुनड़िया गौटे की, किसने तुझे चढ़ायी है, किसने लगाया काजल आंखों में तेरा किसने ।। 1 ।।
रंग बिरंगे फूलों से, किसने तुझे सजाया है, महक उठा दरबार तेरा, किसने इत्र लगाया है, किसने पहनायी पायल पांवों में, तेरा किसने ।। 2 ।।
‘भक्त’ कह रहा भक्तों ने, मैय्या तुझे सजाया है, रोली, मोली, लाल चुड़ा, गजरा तुझे पहनाया है, खुशियां म….. सबने साथ में, मैय्या तेरा किया है श्रृंगार ।। 3 ।।